रक्सौल में गिरफ्तारी: भाड़े पर अपराधियों को बुलाने वाला कौन है यह सफेदपोश?

गुरुवार को रक्सौल में एक बेशकिमती भूखंड को कब्जा करने की नियत से गए बारह अपराधियों को रक्सौल के  डीएसपी राकेश कुमार ने धर दबोचा। इन अपराधियों के पास से रायफल, बंदुक बिदेशी पिस्टल और सैकड़ो राउंड कारतूस बरामद किए गए तथा दो स्कार्पियो तथा एक बिना नंबर वाली सिल्वर कलर की इनोवा कार बरामद की गई।

रक्सौल में पकड़े गये अपराधी व हथियार

रक्सौल में पकड़े गये अपराधी व हथियार

विनायक विजेता की खास रिपोर्ट

इस इनोवा के बारे में दबी जुबान यह चर्चा थी कि यह इनोवा मोतिहारी के जदयू नेता मासूम खान की है और आज मासूम खान ने अपने फेसबुक वॉल पर यह स्टेटस डालकर चोर की दाढ़ी में तिनका वाली कहावत को चरितार्थ कर दिया। पुलिस इस पुरे मामले के अगर तह तक जाएगी तो बहुत बड़ा खलासा होगा और बेशकिमती जमीन को जबरन कब्जा करने वाले  सफेदपोशों के चुहरे बेनकाब होंगे।

 

रक्सौल में पकड़े गए बारहों अपराधी पेशेवर बताये जाते हैं जिनका काम ही भारी रकम लेकर जमीन कब्जा करवाना है।

 

कौन है दिलीप सिंह

इन पकड़े गए अपराधियों का सरगना दिलीप सिंह मुलत: पटना जिले के बाढ़ थाना अंतर्गत बेढ़ना गांव का निवासी है जिसका वर्तमान में पटना के बुद्धा कॉलोनी क्षेत्र में बसपा कार्यालय के सामने आवास है। रिटायर्ड पुलिसकर्मी सियाशरण सिंह का पुत्र दिलीप सिंह के बारे में चर्चा है कि उसने इस आवास को भी जबरन कब्जा कर रखा है। जप्त की गई स्कार्पियो में से एक दिलीप सिंह के नाम ही है।

रीतू राज

एक अन्य अपराधी रीतू राज ने पुलिस को अपना पता गलत लिखवाया है। रीतू राज मूल रुप से पटना जिले के मसौढ़ी थाना अतंर्गत धमौल गांव का रहने वाला है। पर वह अपना स्थायी पता के बदले अपने ननिहाल जयकिशुन बीगहा (घोषी, जहानाबाद) का पता दर्ज करवा दिया है। पुलिस द्वारा पकड़ी गई दूसरी स्कार्पियो रीतू के पिता मनोरंजन सिंह के नाम पर पंजीकृत है। यह गाड़ी बैंक ऑफ बड़ौदा से फायनांस करायी गई है।

रक्सौल में जमीन कब्जा के इस बड़े मामले के पीछे कहीं न कहीं कोई बड़े रसूख या राजनीतिक पहुंच वाले व्यक्ति का हाथ है जो पूर्वी चंपारण जिले का ही निवासी है। पकड़े गए बारहों अपराधियों में से कोई भी अपराधी पूर्वी चंपारण जिले का नहीं है(गिरफ्तार अपराधियों की सूची संलग्न) जिससे यह जाहिर है कि सभी अपराधियों को जमीन कब्जा करने के लिए भाड़े पर बुलाया गया। जिसने भी इन अपराधियों को बुलाया उसकी इस जिले के पुलिस अधिकारियों तक भी गहरी पैठ दिखायी पड़ती है।

सूत्र जो बताते हैं

सूत्र बताते हैं कि यही अपराधी हरवे-हथियार के कुछ दिन पूर्व भी इस जमीन पर पहुचे थे और हथियार के बल पर जमीप पर कुछ काम भी कराया था। जमीन मालिक महिला ने तब पुलिस और थाने को इत्तिला भी दी थी पर एक सिपाही भी वहां नहीं पहुंचा था। इससे उत्साहित मन बढ़ अपराधी गुरुवार को उस जमीन की घेराबंदी कराने पहुंचे और लोगों में दहशत फैलाने के उद्देश्य से हवाई फायरिंग की। इसकी जानकारी अपने बच्चे को स्कूल छोड़ने जा रहे डीएसपी राकेश कुमार को लगी और वो अपने एक मात्र अंगरक्षक के साथ वहां पहुंच गए और अपने अंगरक्षक के हथियार से जववबी फायरिंग कर अपराधियों को घेरे रखा तबतक आक्रोशित जनता अपराधियो और वहां पहुंचे थाना प्रभारी राजकिशोर पर टूट पड़ी।

पकड़े जाने के बाद अपराधी बरामद इनोवा कार में छूटी एक काले रंग के बैग के लिए काफी बेचैन हैं। अपराधियों के अनुसार उस बैग में दो कीमती मोबाइल, रुपये और कुछ कागजात थे। हालांकि पुलिस को यह बैग हाथ नहीं लगा। संभावना जतायी जा रही है कि भीड़ में से ही किसी ने मौका देखकर यह बैग पर कर दिया पर बैग में कुछ ऐसा जरुर था जिसके लिए अपराधी खासे बेचैन हैं। यह भी आशंका है कि इस बैग में भारी मात्रा में कारतूस रखे हो जिसे अपराधियों ने विपरित परिस्थितियों से निपटने के लिए सुरक्षित रख छोड़ा हो।

 

 

 

 

 

 

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