राबड़ी देवी वाहन चेकिंग मामला: अपने ही जाल में उलझा प्रशासन

राबड़ी देवी के वाहन चेकिंग मामले में खुद अपने ही जाल में उलझ गया है सारण जिला प्रशासन. नौकरशाही डॉट इन से प्रशासन के कुछ अधिकारियों ने दबी जुबान में यह स्वीकार किया है.rabri

मालूम हो कि शनिवार को सारण के सोनपुर इलाके में जिला प्रशासन ने राबड़ी देवी के वाहन को चेक करने के लिए रोका था. इस दौरान अधिकारियों ने राबड़ी देवी के बैग की तलाशी भी ली थी. इसी दौरान चुनाव प्रचार से वापस लौट रहे लालू प्रसाद का काफिला भी वहां पहुंच गया. इसके बाद लालू प्रसाद की, अधिकारियों के साथ कहा सुनी हो गयी. लालू प्रसाद ने इस मामले  को गंभीरता से लेते हुए चुनौती दी की पुलिस ने राबड़ी देवी का वाहन चेक करके उनका अपमान किया है क्योंकि चेकिंग के दौरान कोई वहां महिला पुलिसकर्मी भी नहीं थी. लालू प्रसाद ने आरोप लगाया था कि कुछ लोग राबड़ी देवी की हत्या करने पर तुले हैं.

इसबीच इस मामले में जिला प्रशासन के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह रुटीन चेकअप था लेकिन इस दौरान लालू प्रसाद ने उन्हें अपशब्द कहा. लेकिन इस मामले में अधिकारियों  के साथ समस्या यह  थी कि पूर्व मुख्यमंत्री के वाहन चेकिंग के दौरान महिला पुलिसकर्मी का न होना, खुद प्रशासन के पक्ष को कमजोर करता है. वहीं लालू प्रसाद ने जिस काले रंग की स्कार्पियो गाड़ी से राबड़ी देवी का पीछा करने की बात कही है उस मामले में भी प्रशासन के पास कोई ठोस जवाब नहीं मिल पा रहा है. सोनपुर की पुलिस ने स्वीकार किया है कि यह काली स्कार्पियो  पुलिस ने जब्त किया था और उस जब्त गाड़ी का इस्तेमाल स्थानीय एसएचओ ड्युटी के काम के लिए कर रहे थे.

स्थानीय अधिकारियों के लिए गंभीर प्रश्न यह भी है कि आखिर जब्त की हुई गाड़ी का उपयोग उसने क्यों किया?

राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं ने इस स्कार्पियो को लावारिस बताते हुए आरोप लगाया था कि इस गाड़ी से राबड़ी देवी का पीछा किया जा रहा था जिसके कारण उनकी जान को खतरा था.

अब जिला प्रशासन और राजद की ओर से एक दूसरे के खिलाफ आरोप प्रत्यारोप चल रहा है लेकिन इस मामले में जहां लालू प्रसाद द्वारा अधिकारियों को धमकाने का आरोप लगा है वहीं राजद का कहना है कि स्थानीय अधिकारियों ने वाहन चेकिंग में अपने अधिकारक्षेत्र का उल्लंघन किया है.

इधर राजद की वरिष्ठ नेता कंचन बाला ने आरोप लगाया है कि पाटलिपुत्र लोकसभा चुनाव के दौरान राजद प्रत्याशी मीसा भारती के साथ भी अधिकारियों ने दुर्व्यवहार किया था. अभी यह मामला चल ही रहा था कि इस बीच राजद विरोधी मानसिकता के अधिकारियों ने राबड़ी जी के साथ बदतमीजी की है. कंचन ने कहा कि यह मामला काफी गंभीर है.

 

इस मामले में कुछ सूत्रों का कहना है कि जो सूचना चुनाव आयोग को भेजी गयी है उसमें स्थानीय अधिकारियों का पक्ष भी काफी कमजोर मालूम पड़ता है.  उधर लालू प्रसाद ने अधिकारियों की लापरवाही के बहाने जबर्दस्त राजनीतिक माइलेज लेने में कामयाबी हासिल कर ली है

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