राहुल से प्रेरित ‘समझदार’ नौकरशाह ज्वाइन कर रहे कांग्रेस

“समझदार” नौकरशाहों को राजनीति में उतारने का काम इंदिरा के जमान में हुआ था और राजीव के काल में भी. अब राहुल से भी प्रेरित होकर नौकरशाह नौकरी छोड़ कांग्रेस ज्वाइन कर रहे हैं.

के राजु

के राजु

पिछले दिनों आंध्र प्रदेश कैडर के आईएएस अफसर और राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के संयुक्त सचिव के राजु ने कांग्रे का दामन थामने के लिए नौकरी छोड़ दी है.

बताया जा रहा है कि राजु , राहुल गांधी की टीम के बैकरूम रणनीतिकार बनाये जा रहे हैं. और उन पर आगामी लोकसभा चुनाव में रणनीति तैयार करने की जिम्मेदारी होगी.

के राजु आंध्रप्रदेश कैडर के 1981 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. फिलहाल राष्ट्रीय सलाहकार परिषद में संयुक्त सचिव के पद पर हैं. गरीबी उन्मूलन का मुद्दा उके करियर का पसंददीदा विषय रहा है. उन्होंने आंध्रप्रदेश सरकार में रहते हुए लगभग 25 सालों तक गरीबी उन्मूलन पर काम किया है. ग्रामीण विकास के प्रधान सचिव की हैसियत से आंध्र प्रदेश में के राजु ने मनरेगा कार्यक्रम के क्रियान्वयन में सराहनीय योगदान किया. प्रदेश में मनरेगा कार्यक्रम में सोशल ऑडिटिंग को प्रभावी रूप में लागू करने में भी राजू की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती हैं.

सरकार को 20 लाख देकर ज्वाइन किया था कांग्रेस

दर असल राहुल गांधी वर्षों से कहते रहे हैं कि राजनीति में अच्छे लोगों को आना चाहिए. राहुल के इस आह्वान का असर एक अन्य आईएएस अफसर पर ऐसा पड़ा कि उन्होंने अपनी अफसरी छोड़ने के बदले 20 लाख रुपये का जुर्माना भर कर कांग्रेस ज्वाइन कर लिया था.

ये अधिकारी हैं आंध्र प्रदेश कैडर के उड़िया आईएएस अधिकारी देव व्रत कंठ. कंठ ने 2008 में नौकरी छोड़ कर कांग्रेस ज्वाइन कर लिया था. 1987 बैच के आईएएस रहे कंठ दर असल एक सरकारी एग्रीमेंट के तहत न्यूयार्क में मैक्सवेल स्कूल ऑफ पब्लिक अफेयर्स में ट्रेनिग के लिए गये थे.

इस एग्रीमेंट के तहत उन्हें अभी और दो सालों तक सरकार को सेवा देनी थी. लेकिन उन्होंने पहले ही जॉब छोड़ दिया और उस ट्रेनिंग पर खर्च होने वाले 20 लाख रुपये सरकार को लौटा दिये.

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