रोसड़ा के छात्रों में इंजिनियर बनने का दिखा जुनून

बिहार के छोटे से कस्बे रोसड़ा में डॉक्टर-इंजिनियर बनने का युवाओं में गजब का उत्साह है.पिछले रविवार को यहां के सैकड़ों छात्रों का हुजूम होटल मौर्य के साभागार में इसी चाहत में जमा थी.

अमरदीप झा गौतम

अमरदीप झा गौतम

हाल ही में जेईई और बिहार बोर्ड की 12वी कक्षा के रिजल्ट आने के बाद छात्र इंजिनियरिंग और मेडिकल में करियर की छलांग लगाने के सपने देखने लगे हैं. पर इसी वर्ष से आईआईटी-जेईई के परीक्षा पैटर्न में आये बदलावों के कारण छात्रों में काफी कंफ्युजन भी है.

इसलिए छात्रों को सही मार्गदर्शन की तलाश रहती है. इसी बात के मद्देनजर पटना स्थिति एलिट इंस्टिच्यूट ने जेईई और नीट के बदले पैटर्न से छात्रों को परिचित कराने के लिए एक सेमिनार का आयोजन किया. इसमें रोसड़ा समस्तीपुर और बेगुसराय के साथ साथ पूर्णिया, भागलपुर और दरभंगा के छात्रों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया.

एलिट के निदेशक अमरदीप जा गौतम को सुनने के लिए साभागर खचाखच भरा था. हालांकि गौतम विशेषज्ञों की अपनी टीम के साथ ढ़ाई घंटे देर से पहुंचे इसके बावजूद छात्रों में ऐसी जिज्ञासा थी कि वह टस से मस नहीं हुए.

सेमिनार के दौरान गौतम ने छात्रों को बदले पैटर्न की गहरी जानकारी देते हुए बताया कि 2013 से जेईई मेन्स और एडवांस की अलग अलग परीक्षायें आयोजित हो रही हैं. जेईई मेन्स की परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए छात्रों की 12वी परीक्षा के प्राप्तांक का 40 प्रतिशत अंक मेन्स परीक्षा में जोड़ा जाता है. इसी तरह एडवांस परीक्षा में वही छात्र शामिल हो सकते हैं जिन्होंने जेईई मेंस परीक्षा में सफलता प्राप्त की है.bhir

अमरदीप झा गौतम ने छात्रों को प्रभावशाली तरीके से परीक्षा की बारीकियों को समझाया. इस दौरान छात्रों ने बारी बारी से अपनी समस्यायें उनके सामने रखीं जिसका समाधान गौतम ने बखूबी बताया.
इस अवसर पर सीबीएससी के अधिकारी जी झा ने भी अपने विचार रखे.

इस कार्यक्रम में बेगुसराय और रोसड़ा के कई वरिष्ठ शिक्षक और शिक्षिका भी मौजूद थे.
एलिट इंस्टिच्यूट अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों के मद्दे नजर इससे पहले पटना, मुजफ्फरपुर और भागलपुर में भी जईईई और नीट के बदले पैटर्न पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर चुकी है.

एलिट इंस्टिच्यूट के निदेशक गौतम ने बताया कि आईआईटी (जी) और पीएमटी ( नीट) के बदले पैटर्न में 12 वी कक्षा के रिजल्ट को महत्वपूर्ण बना दिया गया है. इसका मतलब यह हुआ कि अब छात्रों को मात्र प्रतियोगी परीक्षा पर ध्यान केंद्रित करने के बजाये 12 वीं के रिजल्ट पर भी ध्यान देना होगा.

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