विकास की रीढ़ हैं प्रशासनिक अधिकारी : तेजस्‍वी

राजद के स्‍थापना दिवस समारोह में राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने कहा था कि सरकार अफसरों की मनमानी पर लगाम लगाएगी। जनप्रतिनिधियों को सम्‍मान नहीं करने वाले अफसरों पर कार्रवाई होगी। समारोह के दौरान कई वक्‍ताओं ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। इस बीच उपमुख्‍यमंत्री तेजस्‍वी यादव ने अपने ‘दिल की बात’ नाम श्रृंखला में भारतीय प्रशासनिक सेवा और बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की कार्यशैली और दक्षता की जमकर तारीफ की है और कहा है कि प्रशासनिक अधिकारी ही विकास कार्यों की रीढ़ हैं।tej

नौकरशाही ब्‍यूरो

‘दिल की बात’ मेंं बोले उपमुख्‍यमंत्री 

 

नौकरशाही पर ही लोकतंत्र की सफलता का दारोमदार

उपमुख्‍यमंत्री ने ‘दिल की बात’ में कहा है कि 20 नवंबर 2015 को जब मैंने बिहार के उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार सम्भाला तब शुरू-शुरू में अधिकारियों को लेकर मेरे मन में कौतूहल था।  वे कौन हैं, किस पृष्ठभूमि से आते हैं, कैसी सोच रखते होंगे, उनसे कितना सहयोग मिलेगा और जाने कौन-कौन से, कैसे-कैसे सवाल मेरी जिज्ञासा को जगाए हुए थे? अपना महत्वपूर्ण एवं चुनौतीपूर्ण कार्यभार संभालने के बाद जब धीरे-धीरे राज्य में पदस्थापित भारतीय एवं बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों से रु-ब-रु हुआ तो उनकी कार्यक्षमता, समर्पण और अनुभव से प्रभावित हुए बिना नहीं रह सका।  लोकतंत्र में कार्यपालिका का अपना ही विशेष महत्व है।  भले ही कार्यपालिका के सदस्य लोक अथवा जनता से सीधे तौर पर नहीं चुने जाते हैं।  इसके बावजूद लोकतंत्र की सफलता का बड़ा दारोमदार उनके कंधों पर होता है।  वे देश के कठिनतम परीक्षाओ में से एक परीक्षा को पास करके और सघन प्रशिक्षण प्राप्त करके यहाँ तक पहुँचे है एवं जनकल्याण की योजनाओं को लोगों तक पहुँचाने के साथ साथ प्रशासनिक एवं कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने में लगे हुए है।  लोकतंत्र के तीन स्तंभों विधानपालिका, न्यायपालिका और कार्यपालिका में, मेरी समझ में जनता के सबसे अधिक करीब जाकर उनके जीवन को सबसे नजदीक से सकारत्मक रूप से प्रभावित करने का अवसर भी कार्यपालिका के पास अधिक होता है।

 

जनता से सीधे जुड़े हैं प्रशासनिक अधिकारी

उपमुख्‍यमंत्री ने कहा कि बिहार इस मामले में सौभाग्यशाली है कि बिहार के ईमानदार, कर्मठ, सजग, तत्पर और प्रभावशाली अफसर पूरे देश में अपनी प्रतिभा का डंका बजाये हुए हैं। विधानपालिका सीधे तौर पर जनता को जवाबदेह होती है।  जनता की नजरों में अगर वे खरे नहीं उतरते हैं तो जनता उन्हें नकार भी देती है।  जन प्रतिनिधि कैसा काम कर दिखाते हैं और उसका जनता के जीवन पर कैसा प्रभाव पड़ता है, यह उसके साथ काम कर रही कार्यपालिका के सदस्यों पर निर्भर करता है।  प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अगर अच्छा काम करते हैं तो उसका सीधा-सीधा असर जनता के जीवन और जनप्रतिनिधि के भविष्य पर पड़ता है। बिहार की जनता अगर आज चौतरफा विकास को देख रही है, अनुभव कर रही है तो इसका बहुत बड़ा श्रेय जनप्रतिनिधियों और सरकार के साथ साथ अधिकारियों को भी जाता है।  उनकी कार्यशैली और काम करने का सामर्थ्य अद्भुत है। यह देखकर सुखद लगता है कि प्रशासनिक अधिकारी बिहार की जनता के जीवन को सहज और सुविधाजनक बनाने में व्यवस्थापिका के साथ पूर्ण सहयोग कर रहे है | अक्सर इनपर अफसरशाही का आरोप लगता है, पर मैंने नजदीक से देखा है। वे खुद अपने कार्यक्षेत्र की सीमा में रहकर जनता का हर काम सुलभ और सुगम बनाने का प्रयत्न कर रहे हैं। कई अफसर लीक से हटकर अपने विभाग से सम्बंधित जनता की समस्याओं का निपटारा कर रहे हैं। और तो और वे अपनी ओर से दो कदम आगे बढ़कर ऐसा काम तब करते हैं, जब उनपर ऐसा करने का ना कोई दबाव होता है और ना ही चुनाव में जनता द्वारा नकारे जाने का कोई डर होता है। इन प्रयासों के पीछे उनकी एक ही कामना और प्रेरणा होती है कि कैसे किसी भी कारण से परेशान जनता की समस्या का जल्द से जल्द समाधान हो।

 

अधिकारियों पर जताया भरोसा

तेजस्‍वी यादव ने कहा कि विधानपालिका और हम राजनेता जनता के लिए अपने सपनों को प्रशासनिक अधिकारियों के हाथों ही साकार होते देखते हैं। जनता भी अपने रोजमर्रा के तकलीफ, शिकायत का निवारण और जन प्रतिनिधि से उम्मीदों को साकार होते कार्यपालिका के द्वारा ही देखते हैं। इस प्रकार जनता और सरकार के बीच एक पुल का काम करती है कार्यपालिका। जिनपर काम का बोझ होता है, उससे यह स्वाभाविक है कि किसी काम में कोई देर हो जाए या कमी रह जाए।  पर मुझे पूर्ण विश्वास है कि बिहार के पदाधिकारी अपने कर्तव्य का पालन करने का भरसक प्रयास करते हैं।  बिहार के प्रशासनिक अधिकारियों ने समय-समय पर अपनी कार्यकुशलता, कर्मठता और समर्पण को साबित किया है।  ऐसे बहुत से क्षेत्र हैं जहाँ कार्यरत पदाधिकारियों के कार्यकाल को वहाँ की जनता आज भी याद करती है और उनकी ईमानदारी और योग्यता की तुलना वर्तमान अधिकारियों से करते हैं | पूरे बिहार की जनता की ओर से मैं बिहार में कार्यरत प्रशासनिक अधिकारियों का आभारी हूँ, जिसने पूरे राज्य के जन मानस का जीवन, सुखद और सुविधाजनक बनाया है। मुझे पूरी उम्मीद है कि वे निरंतर अपने कर्तव्यों और जिम्‍मेदारियों का निर्वहन का पालन करते हुए सार्वजनिक हितों को आगे रखते हुए राज्य की जनता की सेवा ऐसे ही करते रहेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*