विवाद भरे कार्यकाल को कल अलविदा कहेंगे एके जोति, ओम प्रकाश रावत हुए मुख्य चुनाव आयुक्त

सात महीने के अपने छोटे पर विवादित कार्यकाल को पूरा कर चीफ एलेक्शन कमिशनर एके जोति 22 जनवरी को रिटायर कर रहे हैं. इस बीच मौजूदा चुनाव आयुक्त ओम प्रकाश रावत को मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त कर दिया गया है.

ओम प्रकाश रावत नये मुख्य चुनाव आयुक्त

ओमप्रकाश रावत द्वारा खाली पद पर  अशोक लवासा को चुनाव आयुक्त मुकर्रर किया गया है. चुनाव आयोग में एक मुख्य चुनाव आयुक्त के अतिरिक्त दो चुनाव आयुक्त होते हैं. तीसरे चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा हैं.
एके जोति गुजरात कैडर के आईएएस अफसर रहे हैं और उन्हें नरेंद्र मोदी का काफी विश्वस्त माना जाता रहा है. उन्हें जुलाई 2017 में मुख्य चुनाव आयुक्त बनाया गया था. इस पीरियड में अनेक राज्यों में चुनाव हुए. अपने रिटायरमेंट से महज दो दिन पहले जोति ने दिल्ली की आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को अयोग्य घोषित करने की सिफारिश राष्ट्रपति से की तो आप ने उन पर भाजपा का एजेंट होने का बड़ा आरोप लगा दिया. जोति गुजरात के मुख्यसचिव भी रह चुके हैं.
ओमप्रकाश रावत दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद नीति के खत्म होने के बाद संयुक्त राष्ट्र की ओर से रावत को वर्ष 1994 में इलेक्शन आब्जर्वर बनाकर भेजा गया था. मध्य प्रदेश कैडर के आइएएस अधिकारी ओम प्रकाश रावत चुनाव आयोग में आने से पहले भारी उद्योग वसार्वजनिक मंत्रालय में सचिव थे. बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से फिजिक्स से एमएससी करने वाले ओमप्रकाश रावत सामाजिक विकास योजना की भी पढ़ाई यूनाइटेड किंगडम से की है. सिविल सेवा के लंबे करियर में उन्होंने कई अहम पदों पर काम किया है. इस दौरान वे नरसिंहपुर और इंदौर के कलक्टर भी रहे.
1993 में ओमप्रकाश रावत केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर आये और रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव का पद संभाला.
रावत 1977 बैचे के मध्यप्रदेश कैडर के रिटायर आईएएस अफसर हैं. वह 31 दिसम्बर 2013 को भारी उद्योग मंत्रालय के सचिव के पद से रिटायर हुए थे.
 

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