व्यापारियों से गोरक्षा के नाम पर लाखों की उगाही, यह गोरक्षा नहीं बल्कि गोआतंकवाद है

भले ही समाज का एक वर्ग गाय को पूजनीय माता का दर्जा देता हो पर  गाय का व्यापार करने वालों ने गोरक्षकों पर लाखों रुपये की फिरौती वसूलने का आरोप लगा कर सनसनी फैला दी है.india-cow

 

लुधियाना के गोमांस व्यापारी रमेश कुमार नारंग का कहना है कि गोरक्षक सतीश कुमार और उनके लोगों के आतंक से वह घोर प्रताड़ना के शिकार हैं.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक नारंग ने कहा कि  मोजोरम सरकार के टेंडर के तहत मुझे यह वैध अधिकार मिला है कि मैं गरीब किसानों को गाय वितरण करूं. लेकिन सतीश कुमार के लोगों ने गायों से लदे मेरे दो ट्रकों को जब्त कर लिया. जबकि गाय आपूर्थि के सारे वैध कागजात मेरे पास हैं.

गोरक्षकों ने वसूली ढ़ाई लाख की रंगदारी

गौव्यापारी नारंग ने बताया कि सतीश और उनके लोगों ने धमकी दी कि उनके बेटे को गोहत्या के आरोप में फंसा देंगे. उन्होंने दबाव बना कर मजबूर किया और तभी छोड़ा जब हमने उन्हें 2.5 लाख रुपये दिये तो मेरे गाय छोड़े गये.

नारंग ने कहा कि न सिर्फ सतीश और उनके लोगों ने ढाई लाख रुपये लिये बल्कि उनकी 20 गायों में से बढिया नस्ल की सात गायों को भी  जबरन अपने पास रख लिया.

 

नारंग ने अखबार को यह भी बताया कि गोरक्षा के नाम पर पैसा दोहन करने वाले सतीश और उनके सहयोगियों ने दूसरी बार भी उनकी 40 गायों को जब्त कर लिया और बहुत कहने-सुनने पर मात्र 20 गायों को लौटाया बाकी 20 गायों को गोशाला में रख लिया. नारांग ने बताया कि यह सरासर आतंकवाद है.

एक अन्य गाय व्यापारी ने भी इंडियएक्सप्रेस को अपना नाम डर से न छापने की शर्त पर बताया कि उनकी गायों की खेप को सतीश कुमार और उनके लोगों द्वारा सहारनपुर में जब्त कर लिया गया. सतीश ने इसके लिए भारी भरकम पैसे की मांग रखी लेकिन यह कहने पर वह बच सका कि उन गायों को हिंदुओं ने पालने के लिए खरीदा है.

गाय व्यापारियों का कहना है कि कथित गोरक्षकों के व्यवधान के कारण मिजरम सरकार ने गायों की मांग रोक दी है इस कारण उन्हें बुरी तरह नुकसान उठाना पड़ा है.

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