शराबबंदी का पॉजिटिव इफ़ेक्ट: बिहार में इस बार होली रही सबकी होली.

-गांव से लेकर शहर और कस्बों में भी रही शांति
नौकरशाही ब्यूरो

Holi

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बिहार में इस बार की होली सबकी होली रही. सबकी होली कहें तो सौहार्दपूर्ण और शांतिपूर्ण होली जिसमे समाज के सभी तबकों की भागीदारी देखने को मिली. केवल हुड़दंगियों की नहीं बल्कि समाज में सद्भाव से रहने वालो को भी इस बार होली मानाने में आनंद आया. कही कोई हल्ला हंगामा नहीं बल्कि सब प्रेम से एक दूसरे को होली की बधाई देते नज़र आये. बिहार सरकार द्धारा अप्रैल 2016 में पूर्ण शराबबंदी के बाद बिहार में पहली होली धूमधाम से मनायी गई. कहीं से कोई बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं आईं. सड़कों से हुड़गंदी बाहर दिखे. राज्य के सबसे बड़े अस्पताल पीएमसीएच में जहां होली में शराब पीने के बाद लड़ाई झगड़े के कारण सौ से ज्यादा घायल पिछले साल आये थे इस बार उनकी संख्या बीस भी नहीं क्रॉस कर सकी. आइजीआइएमएस में भी इनकी संख्या नगण्य रही.
अवैध कारोबारियों ने डाला खलल लेकिन मिला जवाब
बिहार पुलिस की लगातार छापेमारी से शराब के कारोबारी और शाराबियों में भय का माहौल है. भारी मात्रा में शराब बरामदगी के अलावा इस कारोबार में लगे लोगों के खिलाफ बिहार पुलिस की कार्रवाई का यह नजीता बताया जा रहा है. एक अनुमान के मुताबिक इस साल होली के मौके पर हिंसक घटनाओं और दुर्घटनाओं में 60 से ज्यादा फीसदी की कमी आई है. हालांकि सूबे में शराबबंदी के बाद शराब का अवैध कारोबार चोरी छिपे जारी है. कई जिलों में अवैध धंधेबाजों ने खूब शराब स्टॉक किया लेकिन पीनेवाले चोरी छुपे ही अपनी छुधा शांत करते रहे और घर से बाहर आने की हिम्मत भी नहीं दिखी. इसी कारण ज्यादातर लोग मुख्यमंत्री और सरकार की वाहवाही करते देखे गए. सोशल साइट पर भी लोगों ने शांत और बेहतरीन होली की सीएम को बधाई दी.

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