शराबबंदी के कठोर कानून के खिलाफ भाजपा ने जताया एतराज

भारतीय जनता पार्टी ने घर से शराब बरामद होने पर परिवार के सभी व्यस्क सदस्यों को दोषी ठहराने संबंधी राज्य सरकार के प्रस्तावित कानून को तालीबानी और अव्यवहारिक बताते हुए इस पर सरकार से पुनर्विचार करने का आग्रह किया है । भाजपा विधानमंडल दल के नेता सुशील कुमार मोदी ने पटना में कहा कि मीडिया के माध्यम से उन्हें जानकारी मिली है कि राज्य सरकार शराबबंदी को सफल बनाने के लिये अब कानून में संशोधन कर घर से शराब बरामद होने पर परिवार के सभी व्यस्क सदस्यों को दोषी ठहराने का प्रावधान जोड़ना चाहती है।

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उन्होंने कहा कि सरकार बताये कि क्या अब आतंकवाद , हत्या और बलात्कार के मामले में भी किसी एक व्यक्ति के दोषी होने पर उसके परिवार के सभी सदस्यों को जिम्मेवार माना जायेगा । श्री मोदी ने कहा कि नीतीश सरकार ने पिछले दस साल तक लोगों को शराब पीने की आदत लगायी और अब तालीबानी कानून बनाकर इसे बंद कराना चाहती है । उन्होंने कहा कि अतिवादिता सही नहीं है । शराबबंदी को कानून के डंडे से नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता पैदा कर सफल बनाया जा सकता है ।

 

श्री मोदी ने कहा कि उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के प्रधान सचिव के के पाठक शुरू से ही विवादास्पद कार्यो के लिये जाने जाते रहे है । उन्हीं के दवाब में राज्य सरकार अव्यवहारिक नियम और कानून बनाकर प्रदेश को पुलिस राज में बदलना चाहती है । उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शराब को लेकर जो नया प्रावधान लाना चाहती है, वह हत्या और बलात्कार के मामलों से संबंधित  कानून भी ज्यादा सख्त है ।

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