श्रद्धालु की आस्था का प्रतीक है अक्षयवट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि कुंभ मेले का न सिर्फ धार्मिक बल्कि वैश्विक महत्व भी है और प्रयागराज में अगले माह 15 जनवरी से शुरू होने वाले कुंभ में सैकड़ों वर्षों बाद श्रद्धालुओं को अक्षयवट के दर्शन का अवसर मिलेगा।

श्री मोदी ने आकावाणी से प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ में रविवार को कहा कि प्रयाग कुंभ का यह अक्षय वट मेले में आने वाले हर श्रद्धालु की आस्था से जुडा हुआ है। कुंभ पहुंचाने वाले हर श्रद्धालु की आस्था का प्रतीक यह अक्षयवट सैंकड़ों वर्षों से किले में बंद था और श्रद्धालु चाहकर भी इसके दर्शन नहीं कर पाते थे। अब अक्षयवट का द्वार सबके लिए खोल दिया गया है।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में कुंभ मेला भी एक असाधण चीज है। कुंभ का स्वरूप विराट होता है और यह जितना दिव्य होता है उतना ही भव्य भी होता है। यहां एक तरह से जन-सैलाब उमड़ता है और इसमें एक साथ देश-विदेश के लाखों-करोड़ों लोग जुड़ते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रयागराज में आयोजित हो रहे इस कुंभ के मेले में 150 से भी अधिक देशों के लोगों के आने की संभावना है। कुंभ की दिव्यता से भारत की भव्यता पूरी दुनिया में अपना रंग बिखेरेगी। उन्होंने कहा “कुंभ मेला खुद की खोज’ का भी एक बड़ा माध्यम है, जहाँ आने वाले हर व्यक्ति को अलग-अलग अनुभूति होती है। युवाओं के लिए यह एक बहुत बड़ा अनुकरणीय अनुभव हो सकता है। मैंने स्वयं कुछ दिन पहले प्रयागराज में देखा कि वहां कुंभ की तैयारी ज़ोर-शोर से चल रही है। वहां एक नियंत्रण कक्ष का लोकार्पण किया गया जिससे श्रद्धालुओं को काफी सहायता मिलेगी।

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