सत्ता की चूलें हिलाने वाले विनोद राय कौन हैं?

अपनी बेबाकी और हिसाब-किताब की बारीकियों पर पैनी निगाह रखने वाले विनोद राय ने कई बार सत्ता की चूलें हिला कर रख दी हैं. इस बार फिर वह चर्चा के केंद्र में हैं.

देश के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक विनोद राय ने इस बार अपनी बेबाकी दिखाते हुए कहा है कि शासन के लिए जनादेश पाने वाले लोग अपनी तरह से धौंस जमाते हैं. भ्रष्टाचार के विभिन्न मामलों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि समय बदल गया है और चुपचाप रहने वाले अधिकतर लोगों पर अब कम संख्या वाले लोग धौंस नहीं जमा सकते.

कर्पोरेट और सत्ता की चूलें हिला दीं: वोनोद राय

अपनी सफाफ ऑडिट रिपोर्ट की बदौलत सत्ता और कार्पोरेट जगत की हस्तियों की रातों की नींद और दिन का चैन छीन लेने वाले यो विनोद राय ही हैं जिन्होंने कॉमनवेल्थ गेम,कोलगेट मामला और टूजी स्पेक्ट्रम घोटाले को उजागर करने में बड़ी भूमिका निभाई थी.

1972 बैच के आईएएस अधिकारी राय अगले मई महीने में रिटायर होने वाले हैं, ऐसे में उनका ताजा बयान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
राय के बयान में छिपी भावनायें यह स्पष्ट करती हैं कि उन्हें राजनेताओं के व्यवहार से किस तरह का सामना करना पड़ता है. फिर भी राय ने किसी की परवा किये बगैर उन्होंने अपना काम बखूबी अंजाम दिया है.

एक पूर्व सहयोगी के शब्दों में राय को मालूम है कि लालफीताशाही के टालू रवैये के बावजूद उन्हें काम करवाने का जो हुनर मालूम है वैसा गुण बिरले नौकरशाहों में ही पाया जाता है.

उत्तर प्रदेश के भूमिहार परिवार में जन्मे विनोद राय केरल कैडर के आईएएस अधिकारी हैं औ अनेक महत्वपूर्ण पदों पर अपनी भूमिका अदा कर चुके हैं.वह वित्तमंत्रालय के कई महत्वपूर्ण पदों के अलावा अनेक बैंकिंग समूहों के निदेशकमंडल में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.वह केरल सरकार में वित्त विभाग के प्रधान सचिव भी रह चुके हैं.

विनोद राय के बार में अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह मई में रिटायर होने के बाद राजनीतिक पारी की शुरूआत कर सकते हैं. हालांकि इस प्रश्न का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, “यह तो समय ही बतायेगा कि क्या वह राजनीति में शामलि होंगे”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*