सर्वोच्‍च न्‍यायालय की गरिमा के लिए फुल कोर्ट मीटिंग की उठी मांग

उच्चतम न्यायालय के दो वरिष्ठ न्यायाधीशों ने सर्वोच्च अदालत के ‘भविष्य’ और ‘संस्थागत मसलों’ पर चर्चा के लिए ‘फुल कोर्ट मीटिंग’ बुलाने की मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा से मांग की है। तीसरे नम्बर के वरिष्ठतम न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर कहा है कि सर्वोच्च अदालत के ‘भविष्य’ और ‘संस्थागत मसलों’ पर चर्चा के लिए ‘फुल कोर्ट मीटिंग’ बुलाने का आग्रह किया है।

सूत्रों के अनुसार, न्यायमूर्ति मिश्रा को दोनों न्यायाधीशों का दो वाक्यों का यह पत्र रविवार को मिला है, जिसमें दोनों न्यायाधीशों ने उक्त मसलों पर विचार के लिए ‘फुल कोर्ट मीटिंग’ बुलाने की मांग की है। गत सोमवार की सुबह सुनवाई से पहले नियमित तौर पर होने वाली ‘चाय बैठक’ के दौरान भी दोनों न्यायाधीशों ने यह मुद्दा उठाया था। सोमवार को ही राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने न्यायमूर्ति मिश्रा के खिलाफ सात दलों के महाभियोग प्रस्ताव नोटिस को खारिज कर दिया था।

न्यायमूर्ति गोगोई और न्यायमूर्ति लोकुर कॉलेजियम के भी सदस्य हैं। गौरतलब है कि न्यायमूर्ति मिश्रा अक्टूबर में रिटायर हो रहे हैं और इसके बाद इस पद पर न्यायमूर्ति गोगोई के ही आने की संभावना है। ‘फुल कोर्ट मीटिंग’ का मतलब शीर्ष अदालत के सभी न्यायाधीशों की बैठक बुलाना है। ऐसी बैठक आमतौर पर मुख्य न्यायाधीश द्वारा तब बुलाई जाती है, जब न्यायपालिका से जुड़े जन महत्व के किसी बेहद जरूरी विषय पर चर्चा करनी हो।

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