सांसद अादर्श ग्राम योजना: बिहार में सांसद नहीं लेना चाहते गांवों को गोद

-बिहार में योजना का हाल बेहाल, 2017 में अभी तक केवल 6 लोकसभा सांसदों और एक राज्य सभा सांसद द्वारा आदर्श गांव का चयन किया गया
– ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने विधान परिषद में सांसद आदर्श ग्राम योजना की गिनाई खामियां
– नीरज कुमार के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में कहा, आदर्श गांव में राज्य सरकार ने 3780 योजनाएं ली, 641 हुई पूरी
नौकरशाही ब्यूरो, पटना

सांसद अादर्श ग्राम योजना सांसद नहीं लेना चाहते गांवों को गोद

सांसद अादर्श ग्राम योजना सांसद नहीं लेना चाहते गांवों को गोद

बिहार में आदर्श ग्राम पंचायत योजना का यह हाल है कि सांसद गांवों को गोद नहीं लेना चाहते हैं. इस योजना में सांसदों का रिस्पासं बहुत ठंडा है. पहले फेज में 2016 में 40 लोकसभा सांसदों और 13 राज्यसभा सांसदों ने गांव का चयन तो किया था लेकिन उस वक्त भी तीन राज्य सभा सांसदों ने गांव का चयन नहीं किया. वहीं यदि चालू वर्ष का हाल लें तो 2017 में अभी तक केवल 6 लोकसभा सांसदों और एक राज्य सभा सांसद द्वारा आदर्श गांव का चयन किया गया है. ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने विधान परिषद में नीरज कुमार के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में आदर्श ग्राम योजना की हकीकत कुछ इसी तरह बयां करते हुए अपना व्यक्तव्य दिया. उन्होंने सांसद आदर्श ग्राम योजना की खामियां गिनाते हुए कहा कि केंद्र के ग्रामीण विकास मंत्री कहते हैं कि यह योजना औद्योगिक इलाके को ध्यान में रखकर लाया गया था. लेकिन बिहार तो औद्योगिक राज्य नहीं है तो हमने सांसदों से अनुरोध भी किया कि गांव को मॉडल बनाने में राशि दें लेकिन अभी तक कोई भी राशि नहीं मिली है.
53 ग्राम पंचायतों में बेस लाइन सर्वे का काम पूरा
उन्होंने सरकार की ओर से जवाब देते हुए कहा कि अभी तक चयनित 53 ग्राम पंचायतों में बेस लाइन सर्वे का काम पूरा हो गया है. इसमें 249 राजस्व गांवों में बसे एक लाख अठारह हजार सात सौ नब्बे परिवारों का सर्वे किया गया है. आदर्श गांव में राज्य सरकार ने 3780 ग्रामीण विकास योजनाएं ली, 641 पूरी की गयी है और 301 पर काम किया जा रहा है.
आदर्श गांवों में इस मद में खर्च की गयी इतनी राशि-
मनरेगा: 5.82 करोड़
इंदिरा आवास योजना: 2.68 करोड़
स्वच्छ भारत मिशन: 5.23 करोड़
जीविका: 2.32 करोड़
आइसीडीएस: 74.71 लाख
सामाजिक सुरक्षा: 1.08 करोड़

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