सीआरपीएफ: 79 वर्षों से सड़क से संसद तक की रक्षा में अपने जवानों की कुर्बानियों पर गर्व कर रहा है सीआरपीएफ

सीआरपीएफ देश भर के अलग-अलग बटालियंस में अपनी स्थापना की 79 वर्षगांठ मना रहा है. आज ही के दिन 1939 में इसका गठन हुआ था. इस दौरान इसके जवानों ने संसद से ले कर सड़क तक अमन कायम रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
  215 बटालियन की टीम ने हर्षोल्लास के वातावरण में 79 वी वर्षगांठ धूमधाम के साथ मलयपुर के कार्यालय प्रांगण में मनाई।
नौकरशाही ब्यूरो,मुकेश कुमार जमुई(बिहार)
जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में बटालियन के कमांडेंट,मुकेश कुमार ने सभी सदस्यों को वर्षगांठ की शुभकामनाएं दी और कहा की चाहे नक्सलवाद हो या पड़ोसी देश के साथ युद्ध का मैदान हो,जम्मू कश्मीर में आतंकवाद की समस्या रहे या फिर उत्तर पूर्वोत्तर का अलगाववाद।हमारे वीर जवान तन-मन से देश की रक्षा के लिए सदैव समर्पित रहे है।
 
 
सीआरपीएफ अपनी स्थापना काल 27 जुलाई,1939 से लेकर आजतक के 79 वर्षों में अपनी अहम भूमिका का निर्वहन बखूबी के साथ करता रहा है।एक बटालियन से शुरू हुई कंपनी आज 250 बटालियन में तब्दील हो गई है।
जानिये सीआरपीएफ के बारे में
27 जुलाई 1979 को पार्लियामेंट के एक एक्ट के तहत वजूद में आये सीआरपीएफ के पास फिलहाल 246 बटालियंस हैं. इनमें रैपिड एक्शन फोर्स, कोबरा बटालियन, पार्लियामेंट ड्युटी ग्रूप, महिला बटालियन शामिल हैं. 2001 में हुए संसद में आतंकवादी हमले में सीआरपीएफ ने जिस तत्परता से सांसदों और अधिकारियों की जान बचाई थी वह स्वर्णाक्षरों में वर्णित है. राजीव भटनागर इसके मौजूदा डायरेक्टर जनरल हैं.
 
 
 
इस मौके पर मिस साल्वे मोनिका, सहायक कमांडेंट,कन्हैया सिंह,मयंक तिवारी, द्वितीय कमान अधिकारी आदि मौजूद थे। इस अवसर पर रिच लुक किड्स प्ले स्कूल के बच्चे और शिक्षक आदि ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लिया।

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