सीजेएम कार एक्सिडेंट मामला: कार की चोरी की रिपोर्ट लिखवाने की हो रही है कवायद

पटना के निकट सोमवार को सीजएएम की दारू रखी जिस कार से दो छात्रों को कुचल डाला गदया था उसके चोरी हो जाने की रपट लिखवाने की कवायद हो रही है.

कार में रखी शराब की बोतलें

कार में रखी शराब की बोतलें

विनायक विजेता की खास रिपोर्ट

सोमवार की शाम पीजी लाईन (एनएच-31) से सटे नीमा गांव के पास जिस सड़क हादसे में अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले इंजीनियरिंग के दो होनहार छात्रों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी वह मामला दिलचस्प होता जा रहा हैं।

जज की जिस कार ने इंजीनियरिंग के दो छात्रों को कुचला उसमें मिली शराब की बोतलें

गौरतलब है कि एक ही बाईक पर पटना से अपने घर काको (जहानाबाद) जा रहे दोनों छात्रों की बाईक में जहानाबाद की ओर से आ रही बीआर 01 पीबी-5569 नंबर की नीली बत्ती लगी कार ने जोरदार टक्कर मार दी थी। पीएमसीएच ले जाने के क्रम में ही दोनों छात्रों की मौत हो गई।

परत दर परत कहानी

नीली बत्ती लगे इस कार की पिछली सीट पर विदेशी शराब रॉयल स्टेग का एक खाली अध्धा और पानी की बोतल में शराब रखी पाई गई्र थी। इसके साथ ही कार में भारतीय स्टेट बैंक, शेखपुरा ब्रांच का एक पासबुक (खाता संख्या-2000359524) भी मिला जिस पासबुक पर खाताधारी का पता संजीव कुमार राय, पिता सुरेश राय, बी-110 नीयर-हॉस्पीटो इंडिया, बुद्धा कॉलोनी पटना का पता दर्ज है।

 

पासबुक पर इंगित पते पर बुधवार को जाने के बाद मकान मालिक राजखेर के आवास पर ताला लगा पाया गया। पड़ोस में ही रहने वाले पटना हाइकोर्ट के एक अधिवक्ता ने बताया कि आठ-नौ वर्ष पूर्व संजीव कुमार राय नामक एक युवक बैचलर इस मकान में रहा करता था। कुछ वर्षों बाद वह इस मकान पर आया था तब उसकी गाड़ी पर ‘सब-जज’ का बोर्ड लगा उन्होंने देखा था।

 

इस पासबुक में अंकित एकाउंट नंबर की छानबीन जब की गई तो पता चला कि यह एसबीआई में यह खाता 31 अक्टूबर 2007 को खोला गया है संभव है फिलवक्त गया में एसीजेएम-9 के पद पर पदस्थापित एस के राय जब पटना में रहते थे तभी उन्होंने यह खाता खुलवाया होगा।

पासबुक में भी गड़बड़ी

एसबीआई बैंक में इस खाते का ब्रांच कोड-141 (नवादा ब्रांच) है पर पासबुक में शेखपुरा ब्रांच अंकित है। अब सवाल यह उठता है कि लोकतंत्र के चार स्तंभों में से एक न्यायपालिका में जिम्मेवार संवैधानिक पद पर बैठे न्यायिक पदाधिकारी ने अपने पासबुक को अपडेट कराते वक्त अबतक पासबुक पर अपना अद्यतन और स्थायी पता (आधार कार्ड के अनुसार) क्यों नहीं इंगित कराया।

 

अब एक नजर शेखपुरा स्थित इसी बैंक से निर्गत कार लोन द्वारा ली गई उनकी कार के कागजातों पर नजर डालें जो भी काफी संदेहास्पद है। पटना डीटीओ कार्यालय के रिकार्ड के अनुसार इस कार्यालय में 9 अगस्त 2012 को निबंधित कराए गए इस कार (बीआर 01 पीबी-5569) एरीटीगा-जेडएक्सआई के ऑनर के रुप में संजीव कुमार राय, पिता-सुरेश राय तो दर्ज है पर कोई स्थायी पता अंकित होने के बजाए ऑनर बुक पर पता के रुप में सिविल कोर्ट, शेखपुरा, पिन-811105 अंकित है जो कानूनन और परिवहन कानून के बिल्कुल खिलाफ है।

 

एसीजेएम के इस कार के बीमा पॉलिसी नंबर-021365941 (नेशनल इनश्योरेंस कंपनी) है। खोजबीन के क्रम में यह भी पता चला कि मूल रूप से मधुबनी के रहने वाले संजीव कुमार राय गया में पदस्थापित होने के पूर्व लगभग तीन वर्षों तक शेखपुरा न्यायालय में पदस्थापित थे.

सेजेएम का निजी जीवन

शेखपुरा में ही एक बच्ची की मां इनकी पहली पत्नी की मृत्यु हो गई थी। बाद में इन्होंने शेखपुरा के ही एक युवती से शादी कर ली जो शेखपुरा में इनके पदस्थापना के दौरान एक दिवानी मुकदमें की पैरवी के लिए इनके कोर्ट में अक्सर आती थी। बुधवार को गया सिविल कोर्ट में इस चर्चा का बाजार गर्म रहा कि जज साहब की गाड़ी सोमवार को उस वक्त चोरी चली गई जब उन्होंने अपनी गाड़ी सर्विसिंग के लिए बोधगया भिजवायी थी। पर इस कथित चोरी का किसी थाने में मामला दर्ज हुआ है या नहीं इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।

 

सोमवार को घटी इस घटना पर पुलिस पदाधिकारियों की चुप्पी और धनरुआ के थाना प्रभारी के गोल-मटोल जवाब और एक न्यायिक पदाधिकारी की गाड़ी में शराब की बोतल और शराब मिलने से इनकार और अबतक कार मालिक का वास्तविक पता न चलने की बात यह इंगित कर रहा है कि पुलिस या तो कार के चालक के मत्थे आरोप मढ़ या कार चोरी होने की चल रही उच्च कवायद पर ही काम करेगी।

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