सूबे में इंटरमीडिएट रिजल्‍ट को लेकर राजनीतिक पारा चरम पर

बिहार इंटरमीडिएट के बारहवीं के परीक्षा परिणामों को लेकर राज्‍य का राजनीतिक पारा चरम पर है. एक ओर जहां छात्र लगातार बोर्ड ऑफिस के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं सियासतदान भी इसका सियासी माइलेज लेने लगे हुए हैं. हालांकि परीक्षा परिणाम को लेकर मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरूवार को शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी को तलब किया था.

नौकरशाही डेस्‍क

इसी बीच विपक्ष ने इंटर के परीक्षा परिणाम पर सरकार को घेरने का काम किया है. पूर्व उपमुख्‍यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि सरकार बिहार के मेधा का अपमान कर रही है. खराब रिजल्ट की वजह परीक्षा में कड़ाई को बताना गलत है. 2015 की मैट्रिक परीक्षा में राज्यव्यापी सामूहिक नकल, 2016 की इंटर परीक्षा में टापर घोटाला और 2017 की इंटर परीक्षा में 8 लाख से ज्यादा छात्रों का फेल होना शिक्षा क्षेत्र में नीतीश सरकार की शर्मनाक विफलता है. लाखों युवा गहरे अवसाद में हैं. दो छात्राएं आत्‍महत्‍या कर चुकीं. इतने बड़े संस्‍थागत अपराध के बाद शिक्षामंत्री को बर्खास्‍त करने के बजाय केवल एक अफसर का तबादला किया गया.

इस पर जदयू के प्रवक्‍ता संजय सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि सुशील मोदी छात्रों को भड़का कर राजनीतिक दंगा कराना चाहते हैं. ऐसे बयान देकर वे लोगों के नजर में आना चाहते हैं. उन पर तो मुकदमा दर्ज होना चाहिए. बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव ई. संजय सिंह ने भी इस मामले में भाजपा पर राजनीति करने का आरोप लागया और कहा कि पिछली बार सबों ने रूबी राय का मजाक उड़ाया और अब जब बिहार की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं, तब कुछ लोगों को दिक्कत हो रहा है. हालांकि इस बार बहुत बच्चे फेल हुए हैं, मगर बिहार पास कर गया.

उधर, महागठबंधन की सरकार में अहम भूमिका निभाने वाली पार्टी राजद की ओर से भी रिजल्‍ट पर कोई सकारात्‍मक प्रतिक्रिया नहीं आई है. रिजल्‍ट जारी होने के बाद पार्टी के वरिष्‍ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने सवाल उठाए थे. उन्‍होंने कहा कि स्‍कूलों में टीचरों की कमी है. ऐसे परिणामों का एक ये कारण भी है. वहीं, शुक्रवार को राजद विधायक भाई बीरेंद्र ने भी शिक्षा विभाग और कॉपी मूल्‍यांकन पर सवाल खड़े किए. उन्‍होंने कहा कि बित्ता नापकर नंबर देने वाले शिक्षकों से कॉपी जांच हुई है. कॉपी का मूल्‍यांकन फिर से किया जाए. सरकार को छात्रों के आक्रोश पर ध्‍यान देना चाहिए. सरकार कॉपी की जांच मेधावी टीचरों से करवाएं.

इसके अलावा, जन अधिकार पार्टी (लो) के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष और मधेपुरा से सांसद पप्‍पू यादव पहले ही  इंटरमीडिएट के परीक्षा परिणामों पर सवाल उठाते हुए न्‍यायिक जांच की मांग कर चुके हैं और 5 जून से आंदोलन करने का एलान किया है.

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