सेहरिस बनीं कश्मीर की पहली मुस्लिम महिला आईएएस

शाह फैसल ने 2010 में आईएएस टॉप करके कश्मीरियों को प्रेरणा दी थी. आज 11 कश्मीरी युवाओं ने गुजरात के बराबर यूपीएसी में झंडा गाड़ा है जबकि राज्य से पहली मुस्लिम महिला आईएएस बनी है.

सेहरिस का चयन पिछली बार आईपीएस में हुआ था

सेहरिस का चयन पिछली बार आईपीएस में हुआ था

दशकों तक हिंसा और अतंकवाद का पर्याय रहे कश्मीर के लिए शिक्षा के क्षेत्र में लगातार संतोषजनक खबरे आना सुखद है.

अगर आबादी के लिहाज से देखा जाये तो कश्मीरी युवाओं के चयन का अनुपात बिहार जैसे राज्यों के युवाओं से भी ज्यादा है जहां आम तौर पर देश भर में सबसे ज्यादा लोगों का चयन होता रहा है. इस बार बिहार से 16 कंडिडेट्स का चयन हुआ है पर यहां की आबादी दस करोड़ से ज्यादा है. जबकि कश्मीर की आबाद 1.25 करोड़ है.

2010 में डा. शाह फैसल ने जब यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में टॉप रैंक हासिल किया था तो उन्होंने कहा था कि उनको उम्मीद है कि आने वाले दिनों में कश्मीरी युवाओं को इससे प्रेरणा मिलेगी. अब डा. फैसल की बात सच साबित होने लगी है.

शुक्रवार को जारी रिजल्ट के अनुसार सेहरिस असगर ने 23 वां रैंक हासिल किया है. असगर को पिछले साल आईपीएस मिला था पर वह आईएएस बनना चाहती थीं. औऱ इस बार असगर ने आईएएस बन कर ही दम लिया. इसी तरह शौकत परे को 41 वां रैंक मिला है. उन्होंने तीन साल पहले पोस्टल सर्विस ज्वायन किया था. पर इस बार वह आईएएस बनेंगें.

कश्मीर से चयनित होने वालों में दूसरे कंडिडेट्स हैं- खुर्सीद अली कादिरी, आबिद सादिक, नवेद तराम्बो, अमानुलल्ह टाक, अदनान नईम सामी, रुवेदा सलाम विकास कुंडाल अंचिता पंडो और इफ्तेखार अहमद चौधरी.

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