स्टूडेंट्स ऑक्सिजन मूवमेंट: संघर्षों-उपलब्धियों के दस वर्ष

उम्र के लिहाज से किसी आंदोलन के लिए दस साल काफी कम समय है. पर इन दस सालों में स्टूडेंट्स ऑक्सिजन मूवमेंट ने छात्रों के बीच एक पहचान बनायी है.oxygen 003

विनोद सिंह के नेतृत्व में चलने वाले स्टूडेंट्स ऑक्सिजन मूवमेंट ने 25 मई को अपनी दसवीं वर्षगांठ का आयोजन पटना के चाणक्य होटल में किया. इस अवसर पर राज्यपाल डीवाई पाटिल, जस्टिस दिनेश कुमार सिंह, आईएएस अरविंद चौधरी समेत विभिन्न स्कूलों के छात्र, शिक्षक और अभिभावकों ने हिस्सा लिया.

आक्सिजन स्टूडेंट्स मूवमेंट पिछले दस सालों से शिक्षा के बाजारीकरण का विरोध कोचिंग घोटालों के खिलाफ आवाज उठाने, छात्रों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए संघर्ष कर रहा है.

राज्यपाल डीवाई पाटिल ने इस अवसर पर कहा कि स्टूडेंट्स देश के वर्तमान और भविष्य के चेहरे हैं और उनकी स्थिति से ही देश का व्यापक चेहरा परिभाषित और निर्धारित होता है. ऐसे में समाज और सरकार की स्टूडेंट्स की काफी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है. इस जिम्मेदारी को हर स्तर पर संतुलित तरीके से निभाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि ऑक्सिजन ने पिछले दस सालों में पर्यावरण, शिक्षा और छात्रों के अधिकारों के लिए जिस तरह से संघर्ष किया है उसे और मजबूत करने की जरूरत है.

इस अवसर पर जस्टिस दिनेश कुमार सिंह ने शिक्षा के अधिकार अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि बुनियादी शिक्षा अब हर छात्र का मौलिक अधिकार है. उन्होंने कहा कि शिक्षा का मतलब मात्र अक्षर ज्ञान नहीं है बल्कि एक अच्छी शिक्षा तो वह है जो छात्रों में सीखने का जज्यबा विकसित करे.इस दिशा में ऑक्सिजन का प्रयास काफी अच्छा है.

आईएएस अरविंद चौधरी ने इस अवसर पर अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि हमें छात्रों को इस लायक बनाने की जरूरत है कि आने वाले समय में मुफलिसी और गरीबी समाप्त हो. उन्होंने कहा कि गुरबत को माथे पर ढोने के बजाये इसे खत्म करने की जरूरत है. हमें आने वाली पीढियों को इसे विरासतम में देने के बजाये इसे म्युजियम में सजा कर रखने का प्रयास करना चाहिए.

आक्सिजन के कनवेनर विनोद सिंह ने कहा कि पिछले दस सालों के सफर में हमने कोचिंग स्केम, छात्रों की किडनेपिंग उनके ऊपर होने वाले अत्याचार के खिलाफ काफी संघर्ष किया है. हमारा संधर्ष स्टूडेंट्स को प्रेरित कर एक अच्छे समाज बनाने का है. उन्होंने कहा कि काफी स्टूडेंट्स शिक्षा और व्यावसायिक क्षेत्र में अच्छा कर रहे हैं पर अभी भी सामाजिक क्षेत्र में उनका योगदान संतोषप्रद नहीं है क्योंकि देहेज, भ्रष्टाचार जैसी बुराइयों को हम मिटा नहीं सकें है. अभी भी हमारे बच्चों के लिए स्कूल और पुस्तकें नहीं हैं. लाखों बच्चे स्कूलों से बाहर हैं.

इस अवसर पर रेडिएंट पब्लिक स्कूल के प्रिंस्पल सीबी सिंह ने छात्र शक्ति को महान शक्ति बताते हुए कहा कि कैसे उनके छात्रों ने साप्ताह में एक दिन अपना टिफिन गरीबों को ऑफर करके सैकड़ों लोगों को भूखा सोने से बचाने का योगदान किया.

इस अवसर पर अनेक लोगों ने अपने विचार रखे.

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