स्‍वच्‍छता को सामाजिक दायित्‍व समझने से पूरा होगा स्‍वच्‍छ भारत का सपना

ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि स्वचछता को सामाजिक दायित्व के रूप में स्वीकार करने से ही स्वच्छ समाज का सपना पूरा हो पाएगा। श्री कुमार ने स्वच्छ भारत अभियान (शहरी) विषय पर आयोजित एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छ समाज का सपना तभी पूरा हो सकता है जब आम लोग स्वच्छता को सामाजिक दायित्व के रूप में स्वीकार करेंगे। उन्होंने कहा कि सामुदायिक समन्वय से ही स्वच्छ समाज के साथ-साथ स्वस्थ समाज का निर्माण किया जा सकता है।

मंत्री ने कहा कि बिहार सरकार भी लगातार इस बात का प्रयास कर रही है कि राज्य के प्रत्येक नागरिक तक शौचालय की उपलब्धता हो। उन्होंने कहा कि शौचालय की उपलब्धता से जहां एक ओर विभिन्न प्रकार की बीमारियों को फैलने से रोका जा सकता है वहीं समाज और देश की छवि को भी बेहतर बनाया जा सकता है। श्री कुमार ने कहा कि सरकार के साथ-साथ यहां के लोगों द्वारा किए गए प्रयासों का ही नतीजा है कि आज राज्य के दो जिले समेत 60 प्रखंड और लगभग 7990 गांव खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) हो गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य शौचालय निर्माण से कहीं अधिक लोगों के व्यवहार में परिवर्तन करना है, जो अपने आप में कठिन कार्य है। नागरिकों में जागरुकता का विस्तार और व्यवहार परिवर्तन करके ही सतत स्वच्छता का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
मंत्री ने शहरी क्षेत्रों में गंदगी की चुनौती पर चर्चा करते हुए कहा कि आम लोगों को समझना होगा कि स्वच्छता उनकी नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की पटना ईकाई द्वारा स्वच्छता अभियान की दिशा में जागरुकता को लेकर किए जाने वाले प्रयासों की भी सराहना की।
इस मौके पर पटना नगर निगम की महापौर सीता साहू ने कहा कि जनता की भागीदारी को बढ़ाए बिना स्वच्छ भारत की कल्पना साकार नहीं हो सकती। स्वच्छता को सेवा के रूप में स्वीकार करना होगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम ने यह निर्णय लिया है कि इस वर्ष 02 अक्टूबर से दो बार डोर-टू-डोर कचरा उठाने का काम किया जाएगा।

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