हम बताते हैं कौन दे रहा है महाबोधि मंदिर को 200 किलो सोना!

बुधवार को विधान परिसद में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महाबोधि मंदिर के गुंबद पर सोना लगाए जाने की घोषणा की पर यह खुलासा नहीं किया कि यह सोना कौन दे दान में दे रहा है?

थाईलैंड की महारानी

थाईलैंड की महारानी

विनायक विजेता

बस उन्होंने इतना भर कहा कि एक बौद्ध धर्मावलम्बी की इच्छा पर भारतीय पुरातत्व विभाग ने इसकी मंजूरी दे दी है.

सच्चाई तो यह है कि थाइलैंड के महाराज भूमिबोल अदुल्यादेज और उनकी महारानी श्रीकृत ने आज से छह माह पूर्व ही महाबोधि मंदिर के शीर्ष को सोने से मढने के लिए दौ सौ किलो सोना दान में देने की बिहार सरकार से इच्छा प्रकट की थी. पर तब सरकार और नीतीश कुमार को मंदिर की लचर सुरक्षा का एहसास था इसलिए सुरक्षा और पुरातत्व विभाग का हवाला देते हुए सोना लेने से इनकार कर दिया गया.

जिसकी कसक थाइलैंड की महारानी को काफी दिनों तक रही और उन्होंने अपनी कसक बीते दिनों थाइलैंड के दौरे पर गए केन्द्रीय पर्यटन राज्य मंत्री और दक्षिण के सुप्रसिद्ध अभिनेता चिरंजीवी के सामने भी व्यक्त की.

इसके बाद चिरंजीवी ने भी बिहार सरकार से इस मामले में पत्राचार किया था इसी बीच बीते 7 जुलाई को बोधगया में ब्लास्ट की घटना हो गई. सुरक्षा का हवाला देकर सोना लेने से बिहार सरकार द्वारा इनकार किए जाने से यह जाहिर है कि सरकार और मुख्यमंत्री को महाबोधि मंदिर की लचर सुरक्षा व्यवस्था का पहले से ही पता था.

बुधवार को विधान परिषद में भी सोना देने वाले का नाम न खोलकर सिर्फ एक बौद्ध धर्मावलंबी कह, थाइलैंड के राजा और महारानी के महत्व को कम किया गया. जबकि मुख्यमंत्री को यह पता है कि सोने के रुप में यह दान कहां से आ रहा है.

अब सवाल यह है कि मुख्यमंत्री को जनता और सदन को सच्चाई बताने से परहेज क्यूं है?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*