‘हां हम अखबारों की गोपनीय रिपोर्ट तैयार करते हैं’

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने संजीदगी से स्वीकार कर लिया है कि सरकार अखबारों के ‘टोन’ और ‘टेम्पर’ की समीक्षा करती है और इसकी गोपनीय रिपोर्ट तैयार की जाती है.

बुधवार को विधानसभा में नीतीश कुमार ने प्रेस परिषद की बिहार के अखबारों पर आई जांच रिपोर्ट पर जम कर अपनी बात रखी. उन्होंने पहले तो प्रेस परिषद की जांच रिपोर्ट पर ही सवाल उठाये और परिषद के अध्यक्ष मार्कंडेय काटजू की मंशा पर ही सवाल उठाया. पर अपने भाषण के क्रम में मुख्यमंत्री ने पीआरडी यानी सूचना एंव जनसम्पर्क विभाग, की नियमावली ही पढ़ डाली.

उन्होंने नियमवाली पढ़ते हुए कहा “अब्दुलबारी सिद्दीकी साहब (विपक्ष के नेता) इस विभाग के मंत्री रह चुके हैं, उन्हें सब पता है जिसमें स्पष्ट लिखा है कि विभाग को अखबारों के ‘टोन’ और ‘टेम्पर’ की समीक्षा करनी है और पाक्षिक रूप से सरकार को एक गोपनीय रिपोर्ट सौंपनी है.यह तो सरकार का काम है.यह पूर्ववर्ति सरकार के समय से लगू है और वही होता है”.

उन्होंने कहा कि फैक्ट फाइंडिंग कमेटी में कौन लोग हैं और उनकी किन से बात हो रही है यह सब उन्हें भी पता है. उन्होंने यह भी कहा कि अभी यह रिपोर्ट प्रेस काउंसिल को पेश ही नहीं हुई तो इसके अंश कुछ लोगों को कैसे मिल गये.

मुख्यमंत्री काटजू पर भी जम कर बरसे और कहा कि काटजू साहब बड़े घराने से संबंध रखते हैं लेकिन मैं तो एक साधारण बैध के घर में पैदा हुआ. उन्हें अपनी मर्यादा का ख्याल रखना चाहिए.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*