हॉकी स्टिक लेकर चलने वाला वसंत ढोबले कौन हैं

मुंबई के सांताक्रूज इलाके में एक दुकानदार मदन जायसवाल की कथित रूप से डंडे से मारने से हुई मौत के मामले में सहायक पुलिस आयुक्त(एसीपी) वसंत ढोबले का तबादला कर दिया गया है. आइए जानें कौन हैं ये ढोबले और कैसा है इनका इतिहास-

पंकज कुमार की रिपोर्ट
वसंत ढोबले के नेतृत्व में पेट्रौलिंग के दौरान इस इलाके के फेरी के दुकानदारों में भगदड़ मच गई.स्थानीय लोगों का कहना है कि शुक्रवार को ढोबले की पिटाई से मदन की मौत हुई.

आतंक का दूसरा नाम वसंत ढोबले

हाकी स्टिक लेकर सड़कों पर निकलने वाले ढोबले का तबादला कंट्रोल रूम में कर दिया गया है.मुम्बई की सड़कों पर कभी हाकी स्टिक तो कभी हाकी स्टिक के साथ कैमरा ले कर गश्त करने वाले ढोबले का कामकाज आमतौर पर लोगों को आतंकित करने वाला रहा है.इससे पहले ढोबले ने नाइटक्लबों और पबों में छापेमारी करके आतंक मचा दिया था.उसके बाद उनका तबादला कर दिया गया था.

ढोबले का इतिहास

58 साल के ढोबले की हाकी स्टिक जब बोलती है तो लोग गिरते-पड़ते भागते हैं.हां जब वह अपनी हाकी स्टीक से आतंक नहीं फैला रहे होते हैं तो उनके कैमरे का फ्लश चमकता है और वह लोगों की तस्वीरें उतार कर उन्हें सीधा करने की बात करते हैं.उनके काम करने के इस ढ़ंग के कारण उनके प्रति लोगों में डर के साथ नफरत भी है.

कुछ लोगों ने तो ढोबले के नाम पर एक फेसबुक पेज भी बना रखा है जिसका नाम है “ढोबले- ऑप्रेशर ऑफ इनोसेंट पब्लिक” इस पेज के अभी तक 19993 सदस्य हैं.ढोबले के रवैइए से लोगों में किस तरह की नफरत और आतंक है इस पेज से पता चलता है.

प्रीतीश नंदी ने तो उन्हें एक बार “पब्लिक का नम्बर एक दुश्मन” तक कह दिया था.

ढोबले पर एक अन्य पेज भी फेसबुक पर है जिसे 483 लोगों ने लाइक कर रखा है.हालांकि उन्हें नापसंद करने वालों की संख्या, पसंद करने वालों से लगभग चारगुणा है.

हवालात में हत्या का भी आरोप

ढोबले का रिकार्ड कई तरह के आरोपों से भरा पड़ा है.लेकिन इन सब के बावजूद बताया जाता है कि उनके संरक्षकों की कमी भी नहीं है, जो उन्हें हर मुश्किल की घड़ी में बचा लेते हैं.
1989 में रिश्वत लेने के आरोप में उन्हें मुअत्तल भी किया जा चुका है.एक बार तो उन्हें हवालात में एक आदमी की जान लेने के जुर्म में सात साल की कैद की सजा भी सुनाई जा चुकी है लेकिन बाद में मुम्बई हाईकोर्ट ने जेल की सजा को रद्द कर दिया.इसके बाद उन्हों फिर से बहाल कर दिया गया.

मुम्बई में हुई ताजातरीन मौत के बाद ढोबले के खिलाफ गुस्सा की जबर्दस्त लहर है पर इसके बावजूद यह नहीं कहा जा सकता कि उनके विरुद्ध कोई कड़ी कार्रवाई हो सकेगी.शायद उनकी पहुंच के कारण वह फिर से अपने हाथों में हाकी स्टिक उठा लें और लोग उनकी पिटाई से मरते रहें.

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