1990 में पतन के बाद क्या कांग्रेस जन आकांक्षा रैली के सहारे बिहार में ताकतवर बनेगी?

यह 1990 की बात है. जब कांग्रेस, बिहार से बिल्कुल उखड़ सी गयी थी. सन 89 के भागलपुर दंगे ने उसे उखाड़ दिया था. बीच-बीच में कांग्रेस, राजद के सहारे सांस लेती रही. इन 29 वर्षों में कांग्रेस की दो पीढ़ियां या तो राजनीति के नेपथ्य में चली गयीं या जो बची थीं राजद की उंगली थाम कर चलने को बेबस थीं.

इन तीन दशकों में कांग्रेस ने कोई विशाल रैली का मुजाहरा नहीं किया. लेकिन 3 फरवरी को पटना के गांधी मैदान ने जिस जन आकांक्षा रैली का आयोजन किया उसने पार्टी कार्यकर्ताओं और यहां तक नेताओं में उत्साह का संचार कर दिया है.

पतनशील कांग्रेस में आई जान

हालांकि गांधी मैदान की कैपासिटी के