20 दिनों से नीतीश और मांझी में कोई बात नहीं हुई, क्यों?

जद यू के राष्ट्रीय अध्‍यक्ष शरद यादव ने इस रहस्य से परदा उठाया है कि सीएम मांझी और नीतीश कुमार के बीच 20 दिनों से कोई बात नहीं हुई. आखिर क्यों है यह संवादहीनता?sharad nit

बिहार ब्‍यूरो 

आम तौर पर शरद यादव जब भी पटना आते हैं तो उनकी मुलाकात नीतीश या अन्य बड़े नेताओं से होती है. लेकिन इसबार की मुलाकात के बात ही कुछ और रही. वह नीतीश से मिले, बातें की और फिर दूसरे ही दिन जद यू के नेताओं कार्यकर्ताओं को से मुखातिब हुए. उन्होंने पार्टी के अंदर अनुशासनहीनता और संवादहीनता को मुद्दा बनाया. कहा कि  पिछले 20 दिनों से नीतीश कुमार और मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी से बात-चीत नहीं हुई है.

इस संवादहीनता की खबर मिलने के बाद जदयू के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष शरद यादव कल पटना आए थे। उन्‍होंने रात में ही जाकर नीतीश कुमार से मुलाकात की। इस दौरान उन्‍होंने संवादहीनता को तोड़ने की पहल भी की। इसी कड़ी में आज शरद यादव ने नीतीश कुमार के सरकारी आवास पर जिलाध्यक्षों और पूर्व जिलाध्यक्षों का संबोधित किया। इस दौरान उन्‍होंने पार्टी नेताओं को अनुशासन का पाठ पढ़ाया। नीतीश कुमार की संपर्क यात्रा पर केंद्रित इस बैठक में संगठन और आगामी विधान सभा चुनाव को लेकर भी चर्चा हुई।

 

इस दौरान शरद यादव ने कहा कि सांप्रदायिकता देश के समक्ष बड़ी चुनौती है और इसके मुकाबले के लिए ही बिहार में महागठबंधन बना है। गठबंधन की अपनी सीमाएं होती हैं। इन मर्यादाओं का पालन हर नेता और कार्यकर्ताओं को करना होगा। उन्होंने काले धन को लेकर भाजपा पर प्रहार करते हुए कहा कि  भाजपा की सरकार बाहर से एक खरगोश भी नहीं ला सकती, काले धन को लाना तो दूर की बात है।

इस मौके पर पूर्व मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि पार्टी संगठन को मजबूत करना और विकास कार्यक्रमों को जनता तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है। संपर्क यात्रा के दौरान हम बिहारवासियों को अपने कार्यों से अवगत कराएंगे और उन्‍हें बताएंगे कि हमारी सरकार ने कमजोर वर्गों के लिए कौन-कौन सी योजनाएं चला रही है। पार्टी के प्रदेश के अध्‍यक्ष वशिष्‍ट नारायण सिंह ने संपर्क यात्रा के औचित्‍य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जदयू में कार्यकर्ताओं को पूरा सम्‍मान मिलता है और आगामी चुनाव के बाद जदयू फिर सत्‍ता में आएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*