21मामले,18 में जमानत: बस जेल से निकलने के इंतजार में हैं अनंत के समर्थक

मंगलवार को चर्पुचित टुस हत्याकांड मामले में भी विधायक अनंत सिंह को  जमानत मिल गयी. अब तक अपराध के बड़े छोटे 21 मामलों में से 18 में जमानत मिल चुकी है.और इस तरह तीन मामले बचते हैं.anant.singh

नौकरशाही डेस्क

अनंत सिंह के करीबी सूत्र का दावा है कि बाकी तीन मामलों में भी जल्द ही जमानत मिल जायेगी और वह जेल से बाह आ जायेंगे.

एक महीने में तीन मामले में जमानत  

महीज पिछले एक महीना में एक एक कर अब तक तीन मामलों में अनंत सिंह को जमानत मिली है. ताजा मामले में पटना हाईकोर्ट में जस्टिस जिनेन्द्र मोहन शर्मा की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई की.यह जमानत पुटूस यादव हत्या मामले में मिली है.बीते वर्ष 17 जून को बाढ़ से पुटुस यादव समेत चार लोगों का अपहरण कर लिया गया। इनमें तीन को मारपीट कर भगा दिया गया, जबकि पुटुस यादव की पीट पीट कर हत्या कर दी गयी थी. इस मामले में बाढ़ थाना के ढेलवां गोसांई मोहल्ला निवासी मृतक पुटुस यादव के पिता कपिलदेव यादव ने विधायक अनंत सिंह, भूषण सिंह समेत चार लोगों पर केस दर्ज किया था.

इससे पहले अनंत सिंह को  22 फरवरी को संजीत पहलवान हत्याकांड मामले में पटना हाईकोर्ट नेजमानत दे दी थी. इसी तरह 2 मार्च को हाईकोर्ट ने मंगलवार को ठेकेदार संजय सिंह हत्याकांड में बाहुबली अनंत सिंह को जमानत दे दी थी. आठ जनवरी 2008 को राजा परीक्षित ने इस मामले में कोतवाली थाना में कांड संख्या 10/2008 के तहत केस दर्ज कराया था.

मामले में अनंत सिंह पर संजय की हत्या का षडयंत्र रचने का आरोप लगाया गया था. संजय को दिनदहाड़े बोरिंग रोड में गोली मार दी गई थी जिससे उसकी मौत हो गई थी.

इन तमाम मामलों के अलावा अनंत सिंह के ऊपर अब तीन मामले बचते हैं. एक  कारू हत्याकांड है. जिसके बारे में बताया जाता है कि तत्कालीन एसपी ने अपने सूपरविजन में लिखा था कि उनके खिलाफ कोई मामला नहीं बनता. इसी तरह हत्या का एक और संगीन मामला  बकवा कांड का है. उसके बारे में अनंत सिंह के करीबी सूत्रों का कहना है कि जिस व्यक्ति की हत्या हुई है उसकी पत्नी ने ने अदालत में बयान दर्ज करा कर कहा है कि अनंत सिंह उनके रक्षक हैं. इस प्रकार देरसबेर इस मामले में भी उन्हें जमानत मिलने की पूरी संभावना है.

जबकि तीसरा मामला राजू सिंह अपहरण का मामला है. इस पर अभी सुनवाई होना बाकी है.

गौरतलब है कि अनंत सिंह पिछली बार के चुनाव से पहले जद यू के विधायक थे. लेकिन पार्टी से अलग हो कर उन्होंने आजाद उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीता. तब वह जेल में ही थे. अभी तक अनंत सिंह ने विधानसभा सदस्य के रूप में शपथ नहीं ली है.

 

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