24 घंटे में ही खड़गे के खिलाफ क्यों शांत पड़ गई भक्त मंडली

24 घंटे में ही खड़गे के खिलाफ क्यों शांत पड़ गई भक्त मंडली

कांग्रेस अध्यक्ष पद के प्रत्याशी खड़गे के खिलाफ भक्त मंडली 24 घंटे में शांत पड़ी। इस बीच बृजलाल खाबड़ी उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष बनाए गए। वे भी दलित।

कुमार अनिल

पता नहीं ऊपर से आदेश आया या मसाला नहीं मिल रहा है, लेकिन तथ्य यही है कि पूरी भक्त मंडली कांग्रेस अध्यक्ष पद के प्रत्याशी मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ शांत हो गई है। खड़गे के खिलाफ बोलना उल्टा पड़ रहा था। लोग पूछने लगे थे कि भाजपा में चुनाव कब होगा, आरएसएस में चुनाव क्यों नहीं होता। इस बीच कांग्रेस नेतृत्व ने उत्तर प्रदेश का अध्यक्ष बृजलाल खाबड़ी को बनाया है। वे भी दलित और गरीब परिवार से आते हैं। क्या कांग्रेस देशभर में दलितों को करीब लाने पर जोर दे रही है? मायावती कहीं संघर्ष करती नहीं दिख रहीं, इसलिए यूपी में तो दलित राजनीति में एक शून्य अवश्य पैदा गया है।

कल शुक्रवार को गोदी मीडिया के कई नामी एंकरों ने खड़गे को बूढ़ा और हाथ कांपनेवाला बूढ़ा तक कहा। भक्त मंडली ने भी रबर स्टांप कहा। ये सारे हमले उल्टे पड़ने लगे। लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उम्र पूछनी शुरू कर दी। आखिर उनकी उम्र भी 73 साल है। रबर स्टांप कहना भी नहीं जमा। यह भी संभव है कि ऊपर से कहा गया हो कि खड़गे पर हमला बंद करो। वे दलित परिवार से आते हैं, ज्यादा हमला दलित समाज को भी भाजपा से नाराज कर सकता था।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने आज राज्यसभा में नेता पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस कदम को कांग्रेस समर्थक आदर्श बता रहे हैं, वहीं गोदी मीडिया और भक्त मंडली ने परेशानी वाली चुप्पी साध ली है।

अब तो कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश की बागडोर भी पार्टी के दलित नेता बृजलाल खाबड़ी को सौंप दिया है। यूपी में मायावती ने सक्रिय राजनीति लगभग बंद कर दी है। अखिलेश यादव का जोर दलितों पर नहीं है। इस बीच राज्य में दलित उत्पीड़न की लगातार घटनाएं हो रही हैं। इस तरह यूपी में दलित राजनीति में एक शून्यता आ गई है। अब कांग्रेस ने इस शून्य को भरने की पहल कर दी है। खाबड़ी ने अपने मनोनयन पर पार्टी नेतृ्तव को ध्नयवाद देते हुए नीचे लिखा है जय भीम, जय संविधान, जय कांग्रेस। देखना है, कांग्रेस यूपी के दलितों में जगह बनाने के लिए किस तरह काम करती है।

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