कभी बेआबरू करके निकाले गये अमर को खुद मुलायम ने अपने हाथों पत्र लिख कर बनाया सपा महासचिव

2010  में बे आबरू करके पार्टी से निकाल दिये गये अमर सिंह को मुलायम सिंह ने समाजवादी पार्टी का महसचिव नियुक्त कर दिया है. हालत यह है कि इस नियुक्ति के  लिए मुलायम ने खुद अपने हाथों से पत्र लिखा है. जबकि आम तौर पर नियुक्ति संबंधी पत्र महासचिव राम गोपाल यादव जारी करते हैं.mulayam-amar

 

याद रहे कि अखिलेश के उदय के बाद अमर सिंह को जयाप्रदा के साथ पार्टी से बाहर कर दिया गया था. यह वही अमर सिंह हैं जिन्हें पार्टी को उद्योगपतियों और फिल्म अभिनेताओं के साथ जोड़ने का श्रेय था. उन्होंने अमिताभ बच्चन, सुब्रत रॉय, अनिल अम्बानी सरीखे लोगों को पार्टी से जोड़ा था. पर 2010 में उन्हें पार्टी से ही हटा दिया गया था.

 

अमर सिंह ने इसके बाद अपनी पार्टी राष्ट्रीय लोकमंच बनायी और 2011 के चुनाव में काफी संख्या में में उम्मीदवार खड़े किये लेकिन उनका एख भी उम्मीदवार नहीं जीत सका. इसके बाद अमर सिंह ने राष्ट्रीय लोक दल ज्वाइन किया और 2014 में उसी पार्टी से लोकसभा चुनाव लड़े पर हार गये.

मुलायम ने खुद लिखा पत्र

मुलायम ने खुद लिखा पत्र

 

लेकिन पिछले मई में राज्यसभा चुनाव के दौरान अचानक मुलायम सिंह यादव ने अमर सिंह को याद किया और उन्हें राज्यसभा चुनाव लड़वाने का ऐलान कर दिया. अमर सिंह राज्य सभा के लिए भेजे जाने की तैयारियों के बीच आजम खान ने एक अखबार से कहा था कि मुलायम सिंह पार्टी के मुखिया हैं और मुखिया की बातों को चुनौती देना मेरे बस की बात नहीं.

 

गौरतलब है कि अमर सिंह के कट्टर विरोधी माने जाते रहे हैं आजम खान. लेकिन अब जबकि अमर सिंह मुलायम के फिर सिपहसालार बन गये हैं, यह संभावना जताई जा रही है कि सपा को मजबूत करने, खास कर राजपूतों को पार्टी के करीब लाने में उनकी अहम भूमिका होगी.

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