महामारी में मानव सेवा का एक आइडिया जो आंदोलन बन गया

महामारी में मानव सेवा का एक आइडिया जो आंदोलन बन गया

Advantage Care के संस्थापक खुरशीद अहमद की महामारी के दौरान मानव सेवा की छोटी सी पहल देखते ही देखते ऐसी हिट हुई कि उनके आइडिया को सपोर्ट करने वालों का कारवां बन गया.

Khurshid Ahmad, Founder Advantage Care
Khurshid Ahmad, Founder Advantage Care

एडवांटेज ग्रूप के संस्थापक खुरशीद अहमद ( Khurshid Ahmad) ने कोरोना काल में हेल्थ केयर की विकराल समस्या से प्रभावित हो कर एडवांटेज केयर नामक संगठन के द्वारा सबसे पहले आक्सीजन सिलेंडर और उसके बाद फ्री एम्बुलेंस की सेवा शुरू की. उन्होंने जब देखा कि लोग ऑक्सीजन और एम्बुलेंस के लिए तड़प रहे हैं. तो वह इस समस्या से निपटने के लिए मैदान में उतरे. शुरुआती दिनों में कुछ चुनौतियां आईं लेकिन मानव सेवा के प्रति लगन और उनके समर्पण से भारत के साथ अनेक देशों में बसे भारतीय इतने प्रभावित हुए कि उनके सहयोग में कूद पड़े.

अनेक लोगों ने एडवांटेज केयर को ऑक्सीजन सिलेंडर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराये जिसे उसने एशियन हॉस्पिटल पटना और पारस होस्पीटल दरंभा के मरीजों की जान बचाने के लिए मुहैया कराया. नतीजा यह हुआ कि एडवांटेज केयर के इस प्रयास से दोनों अस्पतालों के 33 लोगों की जान बच सकी. एडवांटेज केयर के इस प्रयास से जिला प्रशान भी इतना प्रभावित हुआ कि उसने इस काम में उसे मदद देनी शुरू कर दी.

फ्री एम्बुलेंस व ऑक्सीजन सेवा से दिल जीत रहा है एडवांटेज केअर

साथ ही एडवांटेज केयर ने 3 फ्री एम्बुलेंस मरीजों को समर्पित कर दिया. ये काम उसने तब किया जब चंद किलों मीटर तक मरीजों को ले जाने के लिए निजी एम्बुलेंस वाले हजारों रुपये चार्ज कर रहे थे और जिसके कारण पैसे के अभाव में लोगों की जान चली जा रही थी. इन एम्बुलेंस का उपयोग दर्जनों मरीजों ने फ्री में किया.

अनाथ हुए बच्चों को सहयोग

इतना ही नहीं एडवांटेज केयर ने कोरोना की दूसरी लहर में अनाथ हुए बच्चों के लिए भी अपनी जिम्मेदारी निभानी शुरू कर दी है. अभी तक गया के दो अनाथ बच्चों की बुनियादी जरूरतें पूरी करने के लिए पांच हजार रुपये की एक मुश्त राशि के अलावा उनकी पढ़ाई के लिए उनके खाते में दस-दस हजार रुपये मुहैया करा दिये.इस काम में उन्हें गूंज संस्था से मदद मिली और उन बच्चों की आगे की पढ़ाई और खाने के लिए गूंज ने जिम्मेदारी स्वीकार की. ये दोनों बच्चे 12 वर्षी सुरेंद्र कुमार, गया मंझौली, और प्रिंस कुमार बेलागंज के रहने वाले हैं.

खुरशीद अहमद ने बताया कि एडवांटेज केयर ने स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव के सहयोग से पारस हास्पिटल, पीएमसीएच आदि अस्पतालों में सैकड़ों लोगों को कोविड टीके दिलावाने में मदद की. यह काम अब भी जारी है.

हई फाउंडेशन के सहयोग से अररिया में नन प्राफिट अस्पताल

विख्यात सर्जन एए हई द्वारा संचालित हई फाउंडेशन के सहयोग से एडवांटेज केयर अररिया में 30 बेड के नन प्राफिट अस्पताल की शुरुात जुलाई में करने जा रहा है. इसके तहत एक ऐप भी विकसित किया जा रहा है जिससे कोविड मरीजों को सुविधा हो सके.

मधुबनी में एक गांव किया एडॉप्ट

हाल ही में एडवांटेज केयर ने मधुबनी के एक गांव को एडोप्ट किया है. इसके तहत वहां पर फिलहाल आवश्यक दवायें, आक्सीजन कंसंट्रेटर, फुड पैकेट्स मुहैया की गयी है. अगले चरण में मधुबनी में, अररिया की तरह ननप्रोफिट होस्पीटल की शुरुआत की भी योजना है.

कोरोना महामारी से जुडी विभिन्न समस्याओं पर एडवांटेज केयर डायलॉग का आयोजन पिछले तीन हफ्ते से चल रहा है. इसके तहत देश भर के विभिन्न क्षेत्रों की नामचीन हस्तियों के द्वारा अवेयरनेस बढ़ाने की कोशिश की जा रही है.

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