Agnipath : तेजस्वी ने अपने हाथ में ली आंदोलन की कमान

Agnipath : तेजस्वी ने अपने हाथ में ली आंदोलन की कमान

Agnipath स्कीम के खिलाफ बिहार में आंदोलन की कमान आज विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने अपने हाथ में ली। महागठबंधन के सभी विधायकों का राजभवन मार्च।

सैनिक बहाली का ठेकाकरण यानी अग्निपथ योजना के खिलाफ आंदोलन में आज सीधे विपक्षी दल कूद पड़े। आंदोलन की कमान खुद विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने अपने हाथ में ले ली। आज महागठबंधन के सारे विधायकों ने विधानसभा से राजभवन मार्च किया और अग्निपथ योजना को वापस लेने की मांग की।

अग्निपथ योजना का विरोध सबसे ज्यादा बिहार के युवकों ने किया। इस बीच सेना ने एक तरफ युवकों को लुभाने के लिए योजना में कई संशोधन किए, वहीं यह भी कहा कहा कि जो आंदोलन में जाएंगे, उन्हें भर्ती नहीं किया जाएगा। एक हाथ से लुभाना, दूसरे हाथ से डराना। जो भी हो, लेकिन इस बीच युवकों के आंदोलन की तीव्रता कम पड़ने लगी। वहीं आज विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी सहित सभा राजद और वाम दलों के विधायकों ने पैदल राजभवन मार्च करके फिर से आंदोलन में जान डालने की कोशिश की।

लगता है तेजस्वी यादव अग्निवीर या अग्निपथ योजना के खिलाफ दीर्घकालिक संघर्ष के लिए रणनीति बना ली है। वे इस मुद्दो को 2024 लोकसभा चुनाव तक गरमाए ऱखना चाहेंगे। तेजस्वी लगातार बिहार में बेरोजगारी का सवाल उठाते रहे हैं। अग्निपथ योजना के रोजगार वाले पहलू पर इसीलिए ज्यादा जोर दे रहे हैं। जल्द ही रोजगार की अन्य मांगों को भी वे अग्निपथ योजना से जोड़कर बड़ी गोलबंदी करना चाहेंगे। आज विधानसभा मार्च के दौरान भी तेजस्वी ने अग्निपथ योजना के साथ ही एक करोड़ सरकारी पदों के रिक्त होने का सवाल उठाया।

तेजस्वी यादव ने आज केंद्र की मोदी सरकार पर जबरदस्त हमला किया। कहा-एनडीए सरकार की युवा एवं जनविरोधी नीतियों के कारण देश-प्रदेश में व्याप्त बेतहाशा बेरोजगारी व युवाओं का वर्तमान और भविष्य बर्बाद करने वाली #अग्निपथ योजना के विरुद्ध महागठबंधन के माननीय विधायकों ने आज राजभवन तक पैदल मार्च कर बेरोजगारी के विरुद्ध युवाओं को अपना समर्थन दिया। तेजस्वी ने यह भी कहा कि #अग्निपथ_योजना केंद्र की तानाशाही का परिचायक है। देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। जो सैनिक अपने भविष्य के लिए चिंतित होंगे वे ठीक से देश की रक्षा कैसे कर पाएँगे? #अग्निवीर बनाने के पीछे भाजपा का क्या वास्तविक एजेंडा है वह तो इनके नेताओं के आपत्तिजनक बयानों से ही साफ है।

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