मिथिलांचल के लोगों को मिली सौगात, दरभंगा में बनेगा एम्स

मिथिलांचल के लोगों को मिली सौगात, दरभंगा में बनेगा एम्स

दीपक कुमार ठाकुर,ब्यूरो प्रमुख,मिथिलांचल

दरभंगा. बिहार के दरभंगा में AIIMS बनने का रास्ता साफ हो गया है. बिहार सरकार ने दरभंगा में बिहार का दूसरा आल इंडिया इंस्टीच्यूट आफ मेडिकल सायंस बनाने की मंजूरी दे दी है.

 

दरभंगा मेडिकल कॉलेज के स्थान पर अब एम्स का निर्माण होगा. इसको लेकर केंद्रीय टीम ने सोमवार को पहले दिन एम्स के लिए चिन्हित जमीन का करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर जायजा लिया. दो महीने पहले जब भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा पटना आये थे तब उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान ही कहा था कि बिहार के दरभंगा में दूसरे एम्स का निर्माण होगा.

जमीन को लेकर शुरू हुई राजनीति

इसके अलावे जदयू नेता और बिहार के जल संसाधन मंत्री संजय झा भी कई बार दरभंगा में एम्स बनाने की मांग कर चुके थे. लेकिन अब बिहार सरकार ने एम्स के निर्माण के लिए जमीन देने के बजाये ,केन्द्र से आग्रह किया कि दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल की खाली पड़ी जमीन पर ही एम्स का निर्माण करें. बिहार सरकार का तर्क था कि डीएमसीएच की कई एकड़ भूमि है जिसका इस्तेमाल एम्स के लिए किया जा सकता है. बिहार सरकार ने यह भी कहा कि डीएमसीएच में कार्यरत लोगों को कहीं और शिफ्ट किया जाएगा.

बीजेपी ने ली नीतीश पर चुटकी

भाजपा ने बिहार में दूसरे एम्स के लिए जहां केन्द्र सरकार को धन्यवाद दिया है वहीं नीतीश सरकार द्वारा अलग से जमीन नही देनें पर भी साफ्ट लहजे में ही सही लेकिन मंशा पर सवाल उठा दिया. भाजपा प्रवक्ता निखिल आनंद ने कहा कि, बिहार सरकार अगर DMCH को बचा कर रखती और AIIMS के लिए दूसरी जगह जमीन उपलब्ध कराती तो बेहतर होता. उन्होंने कहा कि दरभंगा में AIIMS बनने से मिथिलांचल के लोगों को इलाज के लिए पटना या दिल्ली नही जाना पड़ेगा.उन्हें दरभंगा में ही बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी.

जेडीयू बोला- स्वास्थ्य मंत्री से पूछें

इस मामले में जब जदयू से सवाल किया गया तो प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि दरभंगा में एम्स बनने से ना सिर्फ मिथलांचल बल्कि उसके आसपास के लोगों को भी फायदा पहुंचेगा लेकिन जब उनसे यह पूछा गया कि एम्स के लिए अलग से जमीन मुहैया क्यों नही कराई गई तो जबाब मिला कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है. इसके विषय मे स्वास्थ्य मंत्री बेहतर तरीके से बता सकते है. जब इस बाबत स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय से बात की गयी तो उन्होंने बताया कि डीएमसीएच के पास कई एकड़ की खाली जमीन पड़ी थी इसलिए एम्स का निर्माण उसी जमीन पर होगा.

राजद बोला

सरकार और स्वास्थ्य मंत्री के इस बयान पर प्रमुख विपक्षी दल राजद के नाते मृत्युंजय तिवारी का कहना है कि डीएमसीएच को ही एम्स में बदलने की सरकार की नीति समझ से परे है. अगर सरकार एम्स के लिए अलग जमीन उपलब्ध कराती और डीएमसीएच का जीर्णोधार कराती तो जनता को ज्यादा फायदा मिलता. कांग्रेस नेता प्रेमचंद्र मिश्रा का कहना है कि नये एम्स खोलने की घोषणा के बाद भाजपा के नेताओं ने धूमधाम से इसका प्रचार-प्रसार किया था,लेकिन अब नये एम्स के लिए जमीन उपलब्ध ना कराया जाना जनता के साथ धोखा है. इसके लिए जदयू-भाजपा दोनो समान रूप से जिम्मेवार है.

मिथिलांचल के लिए सौगात

बिहार के दूसरे एम्स को लेकर जो भी राजनीति हो रही हो. लेकिन मिथलांचल के लिए यह एक सौगात से कम नही है. लेकिन देखना होगा कि दरभंगा का एम्स कब तक बनकर तैयार होता है क्योंकि पटना एम्स के निर्माण में जो रिकार्ड देरी की वजह से आज भी वहां कई फैकेल्टी चालू नही हो सके है. कई विभाग का काम शुरू होना भी बाकी है,लिहाजा प्रयास यह होना चाहिए कि दरभंगा एम्स का निर्माण अपने नियत समय पर हो.

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