आंतरिक सर्वे से घबराई BJP अधिकतर सांसदों का काटेगी टिकट

आंतरिक सर्वे से घबराई BJP अधिकतर सांसदों का काटेगी टिकट

आंतरिक सर्वे से घबराई BJP अधिकतर सांसदों का काटेगी टिकट। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ऐसी जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश भाजपा में हड़कंप।

उत्तर प्रदेश भाजपा में खलबली मच गई है। खबर है कि भाजपा नेतृत्व अपने अधिकतर वर्तमान सांसदों का टिकट काटने जा रही है। पार्टी के आंतरिक सर्वे से स्पष्ट हुआ है कि वर्तमान सांसदों से जनता में खासी नाराजगी है। भाजपा नेतृत्व कोई रिस्क लेना नहीं चाहता और इसीलिए बड़ी संख्या में सांसदों को घर बैठाने की तैयारी है। इस बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने दावे के साथ कहा कि उन्हें सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि यूपी में भाजपा अपने एक वर्तमान सांसद को छोड़कर सबका टिकट काटने जा रही है। उन्होंने लिखा छोड़कर यूपी बीजेपी भागी।

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा-सूत्रों के हवाले से पता चला है कि भाजपा उप्र में अपने सभी वर्तमान सांसदों का टिकट काटने जा रही है सिवाय एक को छोड़कर, लेकिन सुनने में आया है वो भी अपनी सीट बदल रहे हैं या फिर किसी सुदूर प्रदेश में एक अतिरिक्त सुरक्षित सीट ढूँढ रहे हैं। इसीलिए भाजपा उप्र में, लोकसभा चुनाव 2024 के लिए अपने प्रत्याशियों के नाम की घोषणा करने की स्थिति में नहीं है क्योंकि उनके वर्तमान सांसदों ने अपनी जेबें भरने के अलावा कोई भी काम नहीं किया है। इसी वजह से जनता में भाजपा और भाजपाई सांसदों के ख़िलाफ़ बहुत गुस्सा है।। इन विपरीत हालातों को देखते हुए भाजपा में नये प्रत्याशियों की खोज जारी है लेकिन कोई भी हारने के लिए नहीं लड़ना चाहता है, इसी कारण भाजपा की तरफ़ से एक भी प्रत्याशी का नाम सामने नहीं आ पा रहा है। भाजपा के सांसदों ने कभी अपने क्षेत्र की ओर मुड़ के नहीं देखा… उन्होंने परीक्षा दी नहीं तो रिपोर्ट कार्ड कहाँ से बनेगा… भाजपा के टिकट काटने से पहले जनता ने ही उनका नाम काट दिया है। इस बार उनके संसदीय क्षेत्र में भाजपाइयों को दाख़िला नहीं मिलेगा। उप्र की जनता इस बार जुमलेबाजों को नहीं, सच्चा और अच्छा काम करनेवालों को चुनेगी। अब PDA की एकता जागी छोड़ के यूपी बीजेपी भागी!

अखिलेश यादव के इस बयान का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है कि क्योंकि सपा-कांग्रेस तथा रालोद में तालमेल हो गया है और भाजपा ने जो सोचा था कि राम मंदिर की लहर आ जाएगी और वह आसानी से भगवान के नाम पर चुनाव जीत जाएगी ऐसा नहीं हुआ। राहुल गांधी भी इसी महीने यूपी पहुंचने वाले हैं और अखिलेश यादव तथा राहुल गांधी की संयुक्त सभाओं से महौल बदल सकता है।

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