आखिर सत्तापक्ष क्यों कर रहा हंगामा, राजद ने खोला राज

आखिर सत्तापक्ष क्यों कर रहा हंगामा, राजद ने खोला राज

इस बार विस का नजारा बदला हुआ है। पहले विपक्ष सदन की कार्यवाही हंगामा करके बाधिक करता था, लेकिन पहली बार सत्ता पक्ष ही वेल में पहुंचकर व्यवधान पैदा कर रहा है। राज क्या है?

कुमार अनिल

अब तक लोग विपक्ष को हंगामा करते देखने के आदी रहे हैं। सत्ता पक्ष जल्दी में रहता है और चाहता है कि बिना हंगामे के हर बिल पास हो जाए। इस बार बिहार विधानसभा का नजारा बदला हुआ है। सत्तापक्ष के सदस्य ही वेल में पहुंच कर हंगामा करने लगे हैं। राज क्या है?

राजद के प्रदेश प्रवक्ता चितरंजन गगन ने कहा कि सत्ता पक्ष नहीं चाहता कि सदन की कार्यवाही चले। इसीलिए उसके सदस्य वेल में पहुंचकर हंगामा करने लगे। इसकी वजह है शराबबंदी में सरकार के मंत्री का फंसना। सरकार मंत्री को बचाने में लगी है और विपक्ष प्रमाण देकर मंत्री को हटाने की मांग कर रहा है।

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राजद नेता चितरंजन गगन ने कहा कि आज तेजस्वी यादव ने उद्योग विभाग से संबंधित सवाल किया। सवाल का जवाब देने के बदले हमेशा सत्तापक्ष तेजस्वी यादव पर निजी आक्षेप लगाने लगता है और चाहता है कि सदन की चर्चा पटरी से उतर जाए। सत्ता पक्ष को बताना था कि उद्योग कितने लगे, कितने लोग बेरोजगार हैं, उन्हें रोजगार कैसे-कब मिलेगा। लेकिन सत्तापक्ष इन सवालों से बचना चाहता है। नुकसान बिहार के नौजवानों का हो रहा है।

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गगन ने कहा कि राज्य सरकार के मंत्री के भाई के स्कूल से शराब की खेप बरामद हुई। वाहन जब्त हुए, लेकिन मंत्री के भाई को गिरफ्तार करना तो दूर, उनसे पूछताछ तक नहीं की गई। अब यह सवाल सिर्फ तेजस्वी यादव का नहीं रह गया है, यह पूरे बिहार की जनता का सवाल बन गया है। लोग पूछ रहे हैं कि एक एक बोतल शराब बरामद होने पर गरीब को जेल भेज दिया जाता है, लेकिन मंत्री के भाई के बचाव में पूरी सरकार लगी है।

उन्होंने कहा कि सरकार 94 हजार शिक्षकों की नियुक्ति नहीं कर रही है। शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। नए उद्योग नहीं लग रहे हैं और रोटी के लिए लोग पलायन कर रहे हैं। शराबबंदी फेल हो गई है। सरकार किसी भी मोर्चे पर सफल नहीं है।

उधर तेजस्वी यादव के नेतृत्व में विपक्ष लगातार जनता के मुद्दें पर सरकार को घेर रहा है। इसीलिए सरकार सदन की कार्यवाही चलाने की इच्छुक नहीं है। मंत्री भी तैयारी करके नहीं आते हैं। पूरा सत्तापक्ष यही चाहता है कि सदन में गंभीर सवालों पर चर्चा नहीं हो।

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