Tablighi Jamat पर फेक न्यूज फैला कर अपमानित हुई ANI

Tablighi Jamat पर फेक न्यूज फैलाने की जहां होड़ लगी है वहीं धड़ाधड़ उनकी झूठी खबरें पकड़ी जा रही हैं. ऐसे में ANI न्यूज एजेंसी को भी अपमानित होना पड़ा है.

दर असल यह मामला नोएडा से जुड़ा है जहां न्यूज एजेंसी ANI ने अपने ट्विटर हैंडल पर खबर दी थी कि Tablighi Jamat के कोरोना संक्रमितों के सम्पर्क में आने के बाद कुछ लोगों को क्वांटराइन किया गया है.

ANI ने यह खबर नोएडा पुलिस के हवाले से लिखी थी और कहा था कि यह मामला नोएडा सेक्टर 5 के होराला का है.

जन आक्रोश की आशंका खत्म करने के लिए जमात को बनाया बलि का बकरा?

नोएडा पुलिस के एक्शन के बाद ANI ने अपने ट्विट को हटा लिया है. एनआई की इस करतूत से उसकी रही सही साख पर पानी फिर गया है. अगर एएनआई की खबर में सच्चाई होती तो वह नोएडा पुलिस के खंडन के बावजूद अपने पक्ष पर डटी रहती लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ

इस खबर के फ्लैश होने के बाद नोएडा पुलिस ने इसका जोरदार और तत्काल खंडन किया.

<blockquote class=”twitter-tweet”><p lang=”en” dir=”ltr”><a href=”https://twitter.com/ANINewsUP?ref_src=twsrc%5Etfw”>@ANINewsUP</a> people who had come in contact with the positive case were quarantined as per laid procedure.<br>There was no mention of Tabligh Jamat. You are misquoting and spreading fake news<a href=”https://twitter.com/noidapolice?ref_src=twsrc%5Etfw”>@noidapolice</a> <a href=”https://twitter.com/Uppolice?ref_src=twsrc%5Etfw”>@Uppolice</a><a href=”https://t.co/HwIM5Cr7K3″>https://t.co/HwIM5Cr7K3</a></p>— DCP_Noida (@DCP_Noida) <a href=”https://twitter.com/DCP_Noida/status/1247610101260673024?ref_src=twsrc%5Etfw”>April 7, 2020</a></blockquote> <script async src=”https://platform.twitter.com/widgets.js” charset=”utf-8″></script>

डीसीपी रैंक के अफसर ने ANI के इस न्यूज के जवाब में ट्विट किया कि यह खबर फेक है. डीसीपी ने लिखा कि प्रोसिजर के तहत जो लोग भी पोजिटिव मरीजों के सम्पर्क में आते हैं उन्हें क्वांटराइन किया जाता है. इस मामले में Tablighi Jamat का कोई उल्लेख नहीं किया गया था.

काबिले गौर है कि देश के विभिन्न हिस्सों में चैनलों और अखबारों में तबलीगी जमात के संंबंध में लगातार फेक न्यूज पकड़ी जा रही है. इससे पहले बिहार के नरकटियांगज और नालंदा के दो बड़े अखबारों- हिंदुस्तान और जागरण ने तबलीगियों के खिलाफ झूठी और अपमानजनक खबरें प्रकाशि करके फंस चुके हैं. नरकटियागंज और नालंदा में अखबारों ने लिखा था कि जमाती क्वांटराइन में प्रतिबंधित मीट की डिमांड कर रहे हैं. नालांद अस्पताल के के प्रभारी ने भी इस खबर को बकवास बताया था.

इसी तरह की एक घटना उत्तरप्रदेश के सहारनपुर में आयी थी जिसके बाद सहारनपुर पुलिस ने उक्त खबर का खंडन किया था.

Tablighi Jamat के खिलाफ कोरोना संक्रमण से जुड़ी लगातार फेक न्यूज छापने या प्रसारित करने के बाद जमात उलेमा ए हिंद ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.

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