Anil Sharma-जानिए बिहार के इस खरबपति को जिन्हें सुप्रीमकोर्ट ने हिरासत में भेजा

जानिए बिहार के इस खरबपति को जिन्हें सुप्रीमकोर्ट ने हिरासत में भेजा

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कोर्ट के आदेश पर  रियल एस्टेट ग्रुप आम्रपाली  के  के तीन डायरेक्टरों- अनिल कुमार शर्मा, शोव प्रिया और अजय कुमार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। कोर्ट ने कहा की  जब तक आप हमारे आदेशों का अनुपालन नहीं करेंगे, दस्तावेज नहीं सौंपेंगे, तब तक पुलिस हिरासत में रहेंगे।

 

आम्रपाली ग्रुप पर 40 हजार खरीदारों को वक्त पर घर का पजेशन न दे पाने का आरोप है। खरीददारों ने घर मिलने में देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।

असली बिहारी अनिल शर्मा 

अनिल शर्मा बिहार के पंडारक के रहने वाले हैं. और उनकी रियाल स्टेट कंपनी देश की सब से बड़ी कंपनियों में से एक बन चुकी है जिसका सालाना कारोबार ७ हज़ार करोड़ से भी ज्यादा का है.

अनिल शर्मा ने पटना सायंस कोल्लेज, से पढ़ाई की उसके बाद वह इंजिनीअरिंग की पढाये के लिए बिहार से बहार चले गये. उन्होंने एनटीपीसी और एनपीसी में काम किया. अनिल ने अपने पिता  मदन मोहन शर्मा की देख रेख में प्राथमिक शिक्षा प्राप्त की. उनकी इच्छा थी के वह इंजिनीअर बनें. पिता के सपने को पूरा करने के साथ ही उन्हों ने अपने सपने की उड़ान भरी और रियल स्टेट की दुनिया में बाद नाम कमाया.   शर्मा ने आम्रपाली ग्रुप की स्थापना की. उसके बाद कभी पीछे मुद कर नहीं देखा. आज के समय में यह ग्रुप देश के छोटी की रियल स्टेट कंपनी बन चुकी है. इस ग्रुप के पास अभी दर्जनों प्रोजेक्ट हैं. अब तक इस ने वर्ल्ड क्लास अनेक प्रोजेक्ट बना डाले हैं.

गौरतलब है की अदालत ने ग्रुप की सभी 40 कंपनियों की अचल संपत्तियों और बैंक अकाउंट अटैच करने के निर्देश दिए थे। साथ ही 2008 से अब तक के बैंक अकाउंट्स की जानकारी भी मांगी थी और इन्हें सीज करने के निर्देश दिए थे।

पिछले दो दशक में ग्रुप ने रियल स्टेट के अलावा एजुकेशन, फिल्म, हेल्थ केयर समेत अनेक प्रोजेक्ट्स में कम कर रहा है.

 

मालूम हो कि  ताज़ा मामले में   जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस यूयू ललित की बेंच ने पिछली सुनवाई में कहा था, “असली समस्या यह है कि आपने लोगों को घर का पजेशन देने में देरी की। आपको सभी प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए कितनी रकम की जरूरत पड़ेगी और आप इसकी व्यवस्था कहां से करेंगे?”

 
इस पर ग्रुप ने जवाब दिया कि प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए हमें करीब 4000 करोड़ रुपए की जरूरत पड़ेगी। बेंच ने पूछा कि आपने 2764 करोड़ रुपए का फंड डायवर्ट किया है, उसे कैसे वापस करेंगे?

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