अपने ही जाल में फंसा सिंघु बार्डर पर पकड़ाया युवक

अपने ही जाल में फंसा सिंघु बार्डर पर पकड़ाया युवक

सिंघु बार्डर पर पकड़ाया युवक किसान नेताओं की हत्या के लिए आया था। आज पुलिस के सामने पलट गया। बार-बार बदलते बयान में वह खुद उलझ गया है।

कुमार अनिल

जिस तरह शाहीनबाग को बदनाम करने के लिए पाकिस्तान जिंदाबाद करने पहुंची महिला पकड़ी गई थी, उसी तरह तरह कल सिंघु बार्डर पर किसान आंदोलन को बदनाम करने, हिंसा करने पहुंचा युवक पकड़ा गया। देर रात किसान नेताओं ने एक कांट्रेक्ट किलर को प्रेस के सामने पेश किया। युवक ने प्रेस को बताया कि वह 26 जनवरी के किसान परेड को विफल करने के लिए आया था। उसकी टीम में दस लोग हैं। उसकी योजना चार प्रमुख किसान नेताओं की हत्या करने की थी।

बाद में किसानों ने उसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस के सामने पहुंचकर उसने नई कहानी बताई। उसने कहा कि किसानों ने उसे बहुत मारा और कहा कि जैसा हम कहेंगे, वैसा ही प्रेस के सामने बोलना। सोशल मीडिया में यह दूसरा वीडियो भी वायरल है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह वीडियो किसने जारी किया। इस वीडियो में जो उसने नई कहानी बताई, वह भी कई सवाल खड़े करती है। वह कह रहा है कि पहले उसने किसानों के दबाव में झूठ बोला, तो सोशल मीडिया में लोग कह रहे हैं कि क्या गारंटी है कि अब वह पुलिस के दबाव में झूठ नहीं बोल रहा है।

सच्चाई तो निष्पक्ष जांच से सामने आएगी, पर उस युवक ने पुलिस के सामने जो कहानी बताई है, उसमें वह कह रहा है कि वह मामा के यहां से लौट रहा था। पैदल लौटने के क्रम में उसने झूठ बोला कि एक लड़की के साथ छेड़खानी हो रही है। इसके बाद किसानों ने उसे पकड़ लिया। सवाल यह है कि उसने झूठ क्यों बोला कि किसी लड़की के साथ छेड़खानी हो रही है। एक सवाल यह भी है कि अगर किसानों ने उसे मारपीट करके झूठ बोलने के लिए कहा, तो वह दिल्ली के दर्जनों पत्रकारों के सामने तो सच बोल सकता था।

लालू की तबीयत गंभीर, चार्टर्ड प्लेन से गए राबड़ी, तेज, तेजस्वी

युवक का नाम योगेश सिंह है। वह सोनीपत का रहनेवाला है। कल रात उसने प्रेस के सामने कहा कि दस युवकों को विशेष ट्रेनिंग दी गई थी। वे चार किसान नेताओं की हत्या करनेवाले थे। 26 जनवरी को वे पुलिस ड्रेस में रहकर लाठी चार्ज करते। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार वे प्रदर्शन के बीच में रहते हुए फायर करते, जिससे यह लगता कि किसानों ने ही गोली चलाई है। उस युवक ने यह भी कबूला था कि वह पहले भी आंदोलनों पर लाठीचार्ज में सामिल रहा है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*