अररिया और गया में 48 घंटे में नौ बच्चे जिंदा जले

अररिया और गया में 48 घंटे में नौ बच्चे जिंदा जले

बिहार के लिए पिछले 48 घंटे भयानक गुजरे हैं। अररिया और गया में 48 घंटे में नौ बच्चे जिंदा जलकर मर गए। अररिया में छह और गया में तीन बच्चों की जलने से मौत हुई।

होलिका दहन के दिन रविवार को गया में भयानक हादसा हुआ, जिसमें होलिका दहन के दौरान तीन बच्चे जिंदा जल गए।

बोधगया की मोरातल पंचायत के राहुल नगर में होलिका दहन से पहले लकड़ी का टुकड़ा डालने चार दलित बच्चे गए थे। इनकी उम्र 12-13 वर्ष बताई गई है। द टेलिग्राफ की खबर के अनुसार जब बच्चे लकड़ी का टुकड़ा व अन्य पूजा सामग्री डाल रहे थे, इसी बीच कुछ लोगों ने दो तरफ से आग लगा दी। आग लगते ही सभी बच्चे उसकी चपेट में आ गए।

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आग की चपेट में आते ही बच्चे चीखने-चिल्लाने लगे। बच्चों की चीख सुनकर लोगों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाते-बचाते तीन बच्चे बुरी तरह जल गए, जिनकी वहीं मौत हो गई। एक घायल बच्चे को नजदीक के अस्पताल में भर्ती किया गया है। मृतक बच्चों के परिजनों ने पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है।

उधर, अररिया में एक भीषण हादसे में छह बच्चों की जलने से मौत हो गई। यह दर्दनाक हादसा भुट्टा पकाते समय हुआ। बताया जाता है कि आग की चिनगारी उड़ने से घर में आग लग गई। आग लगने से भाई-बहन समेत छह बच्चे जिंदा जल गए। आग लगने की घटना पलासी प्रखंड के कबैया गांव की है। मंगलवार को यह घटना फूस के घर में आग लगने से हुई।

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मरनेवाले बच्चों में मो. युनूस का 5 वर्षीय बेटा अशरफ तथा 3 वर्षीया बेटी गुलनाज, मंजूर का 6 वर्षीय बेटा दिलवर, फारूक का 4 वर्षीय बेटा बरकस, मतीन का पांच वर्षीय बेटा अली हसन और तनवीर का 5 वर्षीय बेटा खुसनिहार हैं। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है। अभी गर्मी की शुरुआत है और अभी ही अगलगी की घटना होने से लोगों में चिंता है।

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