बाबू धाम ट्रस्ट : कार्यकर्ता नहीं, बेटा खोया है- एपी. पाठक

बाबू धाम ट्रस्ट : कार्यकर्ता नहीं, बेटा खोया है- एपी. पाठक

पूर्व नौकरशाह और बाबू धाम ट्रस्ट के संस्थापक अजय प्रकाश पाठक ने ट्रस्ट के सबसे कर्मठ कार्यकर्ता तपन मिश्रा के असमय निधन पर गहरा शोक जताया है।

भारत सरकार के पूर्व नौकरशाह और प्रसिद्ध संस्था बाबू धाम ट्रस्ट के संस्थापक अजय प्रकाश पाठक ने ट्रस्ट के कार्यकर्ता तपन मिश्रा के निधन पर गहरा शोक जताया। पत्रकार वार्ता में वो बिलख पड़े। आंखों में आंसू लिए पाठक ने कहा तपन मिश्रा कार्यकर्ता नही बेटा था। ट्रस्ट के अलावा मेरे निजी जीवन का अभिन्न अंग था। उसकी जगह कोई नहीं ले सकता। ऐसे भी कोई जाता है क्या?

आपको बता दें तपन मिश्रा बाबू धाम ट्रस्ट के प्रख्यात सदस्य थे। बताया जा रहा है कि वो टीवी रोग से ग्रसित थे। उनकी उम्र लगभग 40 वर्ष थी। इसके अलावा तपन मिश्रा कॉन्ट्रेक्टर भी थे। उनके घर के शोकाकुल लोग बात करने की स्थिति में नहीं थे।

इस बाबत जब अजय प्रकाश पाठक से संपर्क किया गया तो वो बुरी तरह से टूट गए। खुद को संभालते हुए उन्होंने कहा “तपन का यूं जाना मुझे विचलित कर गया। जब कोई अपना आपको छोड़ कर चला जाता है तो आप खुद को बहुत अकेला महसूस करने लगते है। बाबू धाम ट्रस्ट एक संस्था नही एक परिवार है और इस परिवार का एक अभिन्न सदस्य चला गया।फिर वो कुछ बोल नही सके।

आपको बता दें बाबू धाम ट्रस्ट अपने कार्यकर्ताओं के दम पर ही लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरों की मदद करने और सैनेटाइज़ेशन जैसे महत्वपूर्ण कार्यो को आकार देने में सफल रहा था।कार्यकर्ताओं के कारण ही हजारों लोगों की मदद की जा सकी। जिसकी वजह से अजय प्रकाश पाठक को कई संस्थाओं ने पुरिस्कृत भी किया था और तब श्री पाठक ने कहा भी था ये सब मेरे लोगों की मेहनत का परिणाम है ये कार्यकर्ता नहीं मेरे परिवार के सदस्य हैं।

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