बलिया गोलीकांड का आरोपी कुख्यात धीरेन्द्र सिंह गिरफ्तार, अफसरों के सामने की थी हत्या

बलिया गोलीकांड का आरोपी कुख्यात धीरेन्द्र सिंह गिरफ्तार, अफसरों के सामने की थी हत्या

बलिया गोलीकांड का मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह (Baliya Shooting Accused Dhirendra Pratap Singh) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

धीरेन्द्र ने उत्तर प्रदेश के बलिया में एक मीटिंग के दौरान अधिकारीयों के सामने दुसरे पक्ष के ऊपर अंधाधुंध फायरिंग कर के एक की हत्या कर फरार चल रहा था.

उत्तर प्रदेश के बलिया ज़िले के दुर्जनपुर गांव में 15 अक्टूबर को राशन के कोटे के चयन को लेकर चल रही बैठक के दौरान धीरेन्द्र सिंह ने लोगों पर अचानक गोलियां बरसानी शुरू कर दीं जिसमें जयप्रकाश उर्फ़ गामा पाल की मौत हो गई और पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे. यूपी पुलिस ने मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह पर 50 हज़ार का इनाम रखा गया था.

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बलिया के पुलिस अधीक्षक देवेंद्र नाथ ने बीबीसी को बताया, “दुर्जनपुर गांव में सरकारी कोटे की दुकान की चयन प्रक्रिया चल रही थी. दो सहायता समूह के लोग इसमें थे. एक का समर्थन धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ़ डब्लू कर रहे थे. दोनों के बीच पहले कहासुनी हुई. जब हंगामा बढ़ने लगा तो एसडीएम ने चयन प्रक्रिया को स्थगित कर दिया. जब लोग वापस जाने लगे तो धीरेंद्र प्रताप सिंह ने फ़ायरिंग की जिसमें जयप्रकाश उर्फ़ गामा पाल को गोली लगी. अस्पताल ले जाते वक़्त उनकी मौत हो गई. घटना से संबंधित समस्त तथ्यों की जानकारी ली जा रही है उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.”

बलिया गोलीकांड मामले में उत्तर प्रदेश में दो तरह की राजनीति हो रही है. एक तरफ पुलिस धीरेन्द्र को तलाश कर रही थी वही स्थानीय विधायक उसके समर्थन में बयान दे रहे थे. बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा था कि अगर धीरेन्द्र सिंह ने फायरिंग नहीं की होती तो उसके परिवार के कम से कम एक दर्जन लोगों की जान जाती”. यूपी कांग्रेस अध्यक्ष प्रियंका गाँधी वाड्रा ने भाजपा के ऊपर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए ट्वीट में नरेंद्र मोदी, जेपी नड्डा और अमित शाह को टैग करके पूछा था कि क्या आप अपराधी के साथ खड़े इस विधायक के साथ हैं?

बलिया काण्ड का मुख्या आरोपी धीरेन्द्र प्रताप सिंह सेना का रिटायर्ड जवान है. वह भूतपूर्व सैनिक संगठन की बैरिया तहसील इकाई का अध्यक्ष भी है. जिस वक़्त यह घटना हुई, उस वक़्त एसडीएम और पुलिस क्षेत्राधिकारी समेत कई बड़े अधिकारी भी वहां मौजूद थे, बावजूद इसके मुख्य हमलावर वहां से भाग निकला. इस घटना के बाद राज्य सरकार ने इस मामले में रेवती थाना क्षेत्र के एसडीएम और पुलिस क्षेत्राधिकारी समेत कई पुलिसकर्मियों को भी निलंबित कर दिया था.

यूपी STF ने आज सुबह लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क से धीरेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया है. धीरेंद्र सिंह के दो और साथियों संतोष यादव और अमरजीत यादव को भी गिरफ्तार किया गया है. धीरेंद्र के साथियों के पास से हथियार भी बरामद हुए हैं. अब तक इस मामले में दस लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. पुलिस अब धीरेन्द्र को स्थानीय पुलिस के हवाले करेगी।

बताया जा रहा है कि बलिया गोलीकांड का मुख्य आरोपी धीरेंद्र सिंह ने सरेंडर करने का प्लान बनाया था. इसके लिए वह भागकर लखनऊ आया था. लेकिन इससे पहले ही STF ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस कर धीरेन्द्र की गिरफ्तारी की पुष्टि की. उन्होंने कहा कि डीजीपी के आदेश के बाद टीम धीरेंद्र सिंह के पीछे लगी हुई थी. इनपुट पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया. धीरेंद्र सिंह को बलिया पुलिस को सौंपा जाएगा.

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पुलिस सूत्रों ने आज तक को बताया कि आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई होगी. इससे पहले धीरेंद्र सिंह के दो भाइयों देवेंद्र प्रताप सिंह और नरेंद्र प्रताप सिंह भी बलिया गोलीकांड में गिरफ्तार हो चुके हैं.

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