Bharat Bandh को कुछ लोगों ने कहा ‘गुंडागर्दी’, बंद समर्थकों ने इस तस्वीर से दिया मुंहतोड़ जवाब

Bharat Bandh को कुछ लोगों ने गुंडागर्दी क्या कह दिया कि सोशल मीडिया पर बंद समर्थकों ने यह तस्वीर वॉयरल कर उनको मुंहतोड़ जवाब दिया है.

Bharat Bandh

इस तस्वीर को भाजपा की गुंडागर्दी नहीं कहने पर फूटा लोगों का गुस्सा

जिसमें भाजपा के लोग गाड़ियों के शीशा तोड़ते देखे जा सकते हैं.

दर असल बिहार के कुछ भाजपा समर्थित पत्रकारों ने सुबह से बंद की खबर को प्राथमिकता देने के बजाये इस बंद को गुंडागर्दी साबित करने में लगे थे और सोशल मीडिया पर उत्पात मचाती भीड़ की तस्वीरें वॉयरल कर रहे थे.

उसके बाद कांग्रेस व सहयोगी दलों के बंद समर्थकों ने गोदी मीडिया के पत्रकारों को बेर्शम करार देते हुए सवाल उठाया है कि भाजपा के बंदी के दौरान उन्हें गुंडागर्दी क्यों नहीं नजर आती.

 

गौरतलब है कि आज 10 सितम्बर को पेट्रोल की आसमान छूती कीमतों के खिलाफ विपक्ष ने देशव्यपी बंद का आह्वान किया था.

आज के बंद में भी कई जगह गाड़ियों के शीशे तोड़े गये

 

कुछ टीवी चैनलों द्वारा कांग्रेस समेत 22 दलों के बंद में कुछ छिटपुट घटनाओं को बढ़ा चढ़ा कर दिखाने और उसे गुंडागर्दी कहने पर बंद समर्थकों में भारी रोष है. कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर कुछ पुरानी तस्वीरों का संकलन वायरल किया है. इन पुरानी तस्वीरों में  भाजपा के बंद के दौरान  गाड़ियों के शीशी तोड़ने, हुडदंग मचाने, और सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाते देखा जा सकता है.

गौरतलब है कि मीडिया के एक हिस्से पर यह आरोप लगा है कि वह तेल की आसमान छूती कीमतों के खिलाफ आयोजित बंद की खबर को दबाने की कोशिश में लगा रहा. और बंद के दौरान छिटपुट हिंसक घटनाओं को बढ़ा चढ़ा कर पेश करने की कोशिश की गयी.

राष्ट्रीय  जनता दल के एससी-एसटी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डा. एसएस भास्कर ने अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि ‘जब सवर्ण य़ा भाजपाई भारत बंद करता है तो मिडिया उसकी मुद्दों की चर्चा करता है और आज के भारत बंद से आमलोगों के महंगाई के मुद्दे गायब है .छोटी मोटी घटनाओं को भयावह बताने में ज़रा भी संकोच नहीं कर रहा .

 

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याद रहे कि एक चैनल ने अपने लाइव शो में दिखाने की कोशिश की कि जहानाबाद में बंदसमर्थकों ने एम्बुलेंस का रास्ता काफी देर से रोके रखा. लेकिन उसी पत्रकार ने जब एम्बुलेंस ड्राइवर से लाइव बात की तो उसने बताया कि वह काफी देर नहीं, बल्कि मात्र 10 मिनट से वहां रुका हुआ था.

दर असल सोशल मीडिया पर कुछ चैनलों के पत्रकारों ने कांग्रेस व सहयोगी दलों के भारत बंद में मचे उत्पात को गुंडागर्दी कहके प्रचारित किया. इसके बाद कांग्रेस व राष्ट्रीय जनता दल के बंद समर्थकों ने कुछ पुरानी तस्वीरें  सोशल मीडिया पर डाली और भाजपा समर्थक मीडिया के लोगों के खिलाफ हमलावर हो गये.

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