आधुनिक बिहार के मुस्लिम निर्माताओं को जानना है तो Bihar Collective के इस व्याख्यान में आइए

Bihar Collective नामक संस्था बिहार के वैसे मुस्लिम कर्णधारों पर एक व्याख्यान का आयोजन कर रहा है जिन्होंने राज्य के निर्माण में अतुलनीय योगदान दिया है.

मुस्लिम मेकर्स ऑफ बिहार

यह व्याख्यान 23 फरवरी को 3 बजे शाम को पटना में बिहार चेम्बर ऑफ कमर्स ऐंड इंडस्ट्रीज के सभागार में आयोजित होगा.

इस अवसर पर फैजान मुस्तफा, प्रो. विवेक कुमार और प्रो. मोहम्मद सज्जाद अपने विचार रखेंगे.

इस अवसर पर ‘रिमेम्बरिंग मुस्लिम मेकर्स ऑफ बिहार’ नामक पुस्तक का विमोचन भी होगा. पुस्तक को मोहम्मद सज्जाद ने संपादित किया है.

इस बारे में   Biharh Collective  ने अपने फेसबुक बेज पर लिखा है कि  क्या ने इस मामले पर जानकारी देते हुए लिखा है कि “आप जानते हैं कि बिहार को एक अलग राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग सबसे पहले उर्दू अख़बारों ने उठानी शुरू की थी. सचिदानंद सिंहा और महेश नारायण के अलावा अलग बिहार राज्य की मांग करने वालों में इमाम बंधु, मौलाना मज़हरुल हक़ और मोहम्मद फ़ख़्रुद्दीन सबसे आगे थे”.

1908 में बिहार को बंगाल से अलग किए जाने का प्रस्ताव भी एस एम फ़ख़्रुद्दीन ने ही रखा था.लेकिन अफ़सोस कि इन महापुरुषों का नामलेवा अब कोई नहीं.

गौरतलब है कि बिहार कोलेक्टिव बिहार के कुछ चुनिंदा बुद्धिजीवियों की  की पहल है. इसके तहत लगातार विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और दीगर मुद्दों पर व्याख्यान का आयोजन किया जाता है. पिछले दिनों इसने भारतीय मीडिया पर एक व्याख्यान पटना में आयोजित किया था.

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बिहार कोलेक्टिव गुफ्तुगू नाम से व्याख्यान की सीरीज भी चलाती है. इसके तहत पटना में उसने अनेक आयोजन भी किये हैं.

बिहार कोलेक्टिव की शुरुआत 2016 में की गयी थी. इसका उद्देश्य लोगों में विभिन्न मुद्दों पर जागरूकता लाना है. Bihar Collective ने दो वर्षों में दस व्याख्यान आयोजित किया है. अब तक अभय कुमार दुबे, सईद नक़वी, एमके वेणु, राजदीप सरदेसाई, प्रकाश अम्बेडकर, फ़रहा नक़वी, उर्मिलेश, फ़ैज़ान मुस्तफ़ा जैसे अपने क्षेत्रों के विशेज्ञ इस व्याख्यान में हिस्सा ले चुके हैं.

बिहार कोलेक्टिव की गतिविधियों पर विशेष जानकारी आप इस लिंक से प्राप्त कर सकते हैं.

 

 

 

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