मोदी का RJD पर हमला: तेजस्वी से पूछे पांच सवाल

मोदी का RJD पर हमला: तेजस्वी से पूछे पांच सवाल

बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) पर निशाना साधते हुए पांच ट्वीट करके नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से पांच सवाल पूछे हैं.

बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी (Bihar Deputy CM Sushil Kumar Modi) ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) पर आरोप लगाते हुए फिर से हमला बोला है. सुशील मोदी लगातार ट्विटर पर राजद को लेकर हमलावर रहते हैं.

आज उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता एवं महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) से पांच सवाल पूछे हैं. इन सवालों में बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तर्ज़ पर राजद नेता तेजस्वी यादव को “जंगलराज के युवराज” कहकर संबोधित कर रहे हैं.

सवाल नंबर 1: जंगलराज के युवराज आज न यह बता रहे हैं कि 10 लाख लोगों को एक झटके में नौकरी देने के लिए 58 हजार करोड़ रुपये कहां से लाएँगे. न वे यह बता पाये कि पटना में 7 लाख 66 हजार वर्गफीट कीमती भूमि पर ‘बिहार का सबसे बड़ा माॅल’ बनवाने के लिए 750 करोड़ रुपये कहाँ से लाये? राजद की राजनीति पूरी तरह कालेधन की फंडिंग से चलती है।

सवाल नंबर 2: तेजस्वी प्रसाद यादव ने न मैट्रिक पास किया, न कोई व्यापार किया और न लाखों रुपये के पैकेज वाली कोई नौकरी ही की। फिर गरीबों के युवा मसीहा के पास इतना धन कहां से आया कि वे 15 मंजिला माॅल में 1,000 दुकानें, शाॅपिंग माॅल्स, मल्टीप्लेक्स और फाइव स्टार होटल बनवा रहे थे?

सवाल नंबर 3: क्या यह सच नहीं कि पटना की जिस जमीन पर युवराज का ” महा मॉल” बन रहा था, उसे जंगलराज के राजा ने 2004 में रेल मंत्री बनते ही आईआरसीटीसी होटल घोटाला के जरिये हासिल किया था? वे जनता को बतायें कि मॉल को जांच के बाद ईडी ने क्यों जब्त कर निर्माण रोक दिया?

सवाल नंबर 4: केंद्र की यूपीए सरकार के रेल मंत्री लालू प्रसाद ने रेलवे के रांची और पुरी के दो होटलों को हर्ष कोचर की कंपनी को 15 साल के लिए लीज पर देने के एवज में राजद के सांसद प्रेमचंद गुप्ता की पत्नी सरला गुप्ता की कंपनी डिलाइट मार्केटिंग के जरिए हथिया ली थी। क्या बिहार की जनता से वोट मांगने से पहले यह बताया नहीं जाना चाहिए?

सवाल नंबर 5: युवराज आज अगर चार्टर प्लेन में बर्थडे केक काट कर गरीबों की राजनीति कर रहे हैं, तो जनता को क्यों नहीं बताते कि उन्होंने मात्र 64 लाख रुपये में डिलाइट कंपनी के करोड़ों रुपये मूल्य के सारे शेयर कैसे अपने और माताजी के नाम कर 94 करोड़ रुपये बाजार मूल्य की जमीन हथिया ली थी? क्या वे फर्जीबाड़ा से गरीबी-बेरोजगारी दूर करने वाला मॉडल थोपना चाहते हैं?

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