बिहार में ‘नल जल योजना’ बनी ‘नल धन योजना’ : तेजस्वी

बिहार में ‘नल जल योजना’ बनी ‘नल धन योजना’ : तेजस्वी

तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर जोरदार हमला किया। कहा, डिप्टी सीएम के रिश्तेदारों की किसी कंपनी को सरकारी काम का अनुभव नहीं, फिर कैसे दिया ठेका।

पटना में प्रेस वार्ता में नल जल योजना में लूट की कहानी बताते तेजस्वी

केंद्र की मोदी सरकार ने लड़ाकू विमान बनाने का कोई अनुभव नहीं रखनेवाले अनिल अंबानी की कंपनी को राफेल का ठेका दिया, उसी तर्ज पर नीतीश सरकार डिप्टी सीएम और भाजपा नेता तारकिशोर प्रसाद की बहू, साले और रिश्तेदारों को ठेका दे रही है।

बिहार में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से पूछा है कि किस आधार पर डिप्टी सीएम के रिश्तेदारों को करोड़ों का ठेका दिया गया, जबकि उनकी कंपनियों को सरकारी कार्य का कोई अनुभव नहीं है।

तेजस्वी यादव ने आज डिप्टी सीएम के रिश्तेदारों को करोड़ों का ठेका देने के मामले पर लगातार कई ट्वीट किए। कहा-उपमुख्यमंत्री के साले की कंपनी दीपकिरण इंफ्रास्ट्रक्टर प्राइवेट लिमिटेड के वर्ष 2019 और 2020 की ऑडिट रिपोर्ट में ही कहीं भी किसी भी तरह के सरकारी कामकाज करने का जिक्र नहीं है।जब कंपनी को सरकारी काम करने का अनुभव ही नहीं है तो फिर किस आधार पर फ़र्ज़ी कंपनी को सरकारी ठेका दिया गया?

तेजस्वी यादव ने आज एक विशेष प्रेस वार्ता में नीतीश सरकार पर जमकर हमला किया। कहा-नीतीश कुमार जी का “हर घर नल जल” योजना दरअसल निजी धनोपार्जन योजना बन गया है। इस योजना ने भ्रष्टाचार की सारी पराकाष्ठा पार कर दी है। उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद जी ने अपनी बहु, दामाद और साले को नियमों को ताक पर रख ठेके दिए। यह “नल जल योजना” नहीं बल्कि “नल धन योजना” बन चुकी है। तेजस्वी ने कहा-

यह “नल जल योजना” नहीं बल्कि “नल धन योजना” बन चुकी है। भले ही नल जल योजना में धरातल पर आजतक ग़रीबों को नल से जल नहीं मिला लेकिन सत्ताधारी दलों के मंत्री, विधायक, नेताओं के लिए ये ‘नल धन योजना’ ज़रूर बन गया। काग़ज पर नल खोलो और अपनी तिजोरी भरो। पानी टंकी का ढहना, पाइप, नल इत्यादि का उखड़ना हरेक पंचायत/वार्ड की कहानी है।

जीवनश्री इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड और दीपकिरण इंफ्रास्ट्रक्टर प्राइवेट लिमिटेड दोनों कम्पनी के Director उपमुख्यमंत्री के साले और दामाद शामिल है। इन दोनों कंपनियों को 48 करोड़ और 3 करोड 60 लाख का काम दिया गया है। कंपनियों के रजिस्टर्ड पते पर है कंपनी का कोई साइनबोर्ड नहीं है। सब हवा हवाई है। हमारी पार्टी की ओर से इस संदर्भ में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को फ़रवरी 2021 में पत्र भी लिखा गया था लेकिन हमेशा की भाँति मुख्यमंत्री जी ने कोई कारवाई नहीं की।

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