भारत बंद: बिहार में किसान बिल पर हंगामा, भाजपा-जाप में चली लाठियां

भारत बंद: बिहार में किसान बिल पर हंगामा, भाजपा-जाप में चली लाठियां

बिहार में किसान बिल के खिलाफ ज़ोरदार प्रदर्शन हुआ. राजधानी पटना में विपक्षी पार्टियों ने मोदी सरकार को किसान विरोधी बताया और जमकर नारेबाजी की.

बता दें कि देश की प्रमुख विपक्षी पार्टियों ने भारत बंद का आयोजन किया था. राज्य के मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल ने भी इसका समर्थन कर बिहार बंद का आह्वाहन किया गया था. जिसमे हज़ारों कार्यकर्ता राजधानी पटना के गाँधी मैदान, डाकबंगला चौराहा, इनकम टैक्स गोलम्बर और अन्य जगहों पर किसान बिल के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। केंद्र सरकार ने हाल ही में कृषि से सम्बंधित तीन विधेयकों को संसद में पेश किया था. जिसके बाद देशभर में किसान संगठनों और राजनीतिक दलों द्वारा प्रदर्शन हो रहे है.

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बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) खुद सड़क पर उतरे। वह पटना स्थित पार्टी RJD कार्यालय से ट्रेक्टर चलाते हुए निकले। उनके साथ राजद के हज़ारों कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार द्वारा लाये गए कृषि विधेयक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

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तेजस्वी ने कहा कि “सरकार ने हमारे ‘अन्नदाताओं’ को ‘फंडदाताओं’ के हाथों की कठपुतली बना दिया है। किसान बिल किसान विरोधी हैं और उन्होंने उन्हें छोड़ दिया है। सरकार ने कहा था कि वे 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करेंगे, लेकिन ये बिल उन्हें गरीब बना देंगे। कृषि क्षेत्र का कॉर्पोरेटकरण किया गया है”.

भारत बंद की सरगर्मियों के बीच जनता दल राष्ट्रवादी (JDR) के संयोजक अशफाक रहमान (Ashfaque Rahman) पगड़ी बांधकर कृषि विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए पटना की सड़कों पर उतरे। उनके साथ सैंकड़ों समर्थकों ने मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. उन्होंने कहा कि “मोदी सरकार से देश का किसान बहुत नाराज़ है. सरकार को किसानो की मांगो को मानते हुए इस कानून में बदलाव करना चाहिए”.

अशफाक रहमान ने पुलिस द्वारा पटना के मौर्या होटल के समीप प्रदर्शन करने से रोके जाने पर गिरफ्तारी भी दी. उन्हें और उनके समर्थकों को बस में बिठाकर ले जाया गया.

राजधानी पटना में किसान बिल (कृषि विधेयक) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान भारतीय जनता पार्टी और जन अधिकार पार्टी (JAP) कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई जिसमे लाठियां और डंडे बरसाए गए. घटना पटना में भाजपा के कार्यालय के समीप हुई. जाप कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की घटना के बाद इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल गया.

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भाकपा माले (CPI-ML) के जनरल सेक्रेटरी दीपंकर ने ने भी कृषि विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन में हिस्सा लिया और कहा कि मोदी सरकार किसान विरोधी है. जब तक केंद्र सरकार किसान विरोधी अध्यादेशों को वापस नहीं ले लेती तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा”.

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