कुर्मी प्रत्याशी दिलीप कुमार के आने से जदयू के लिए संशय

कुर्मी प्रत्याशी दिलीप कुमार के आने से जदयू के लिए संशय

बिहारशरीफ : बिहार विधान परिषद के लिए स्नातक चुनाव की घोषणा हो चुकी है ।आगामी 22 अक्टूबर को इसके लिए मतदान होना है ।पटना विधान परिषद स्नातक क्षेत्र में नालंदा नवादा और पटना तीन जिला पड़ता है। इस चुनाव के लिए राजनैतिक सरगर्मी तेज हो गई है।

बिहार विधान परिषद के 4 स्नातक निर्वाचन सीट तथा 4 शिक्षक निर्वाचन सीटों का कार्यकाल 6 मई को ही समाप्त हो गया है। कोरोना और लॉक डाउन की वजह से बिहार विधान परिषद का उक्त चुनाव अभी तक स्थगित हो गया था। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से संप्रति बिहार के सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री नीरज कुमार विधान पार्षद हैं।

नीरज कुमार एनडीए के प्रत्याशी होंगे। इनके खिलाफ राजद के संभावित प्रत्याशी पूर्व पार्षद आजाद गांधी हो सकते हैं। इनके अलावा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष दिलीप कुमार हो सकते हैं। श्री कुमार पिछले एक साल से स्नातक अधिकार मंच के बैनर तले, स्नातक मतदाताओं को गोलबंद करने में जुटे हुए हैं । इनका कहना है कि वे पहले प्रत्याशी हैं।जो पटना स्नातक विधान परिषद क्षेत्र के स्नातक को उनके अधिकारों से अवगत कराया है ।कांग्रेस टिकट नहीं भी देगी, तब भी वे चुनाव लड़ेंगे। इनके अलावा आधा दर्जन लोग चुनाव लड़ने की फिराक में लगे हैं ।इनमें पूर्व आईएएस जितेंद्र कुमार सिंह तथा पटना के व्यवसाई रणविजय कुमार भी दिन रात एक कर रहे हैं।

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान पार्षद नीरज कुमार भूमिहार जाति से आते हैं। इनके खिलाफ राजद के संभावित प्रत्याशी आजाद गांधी नाई जाति के हैं। जबकि कांग्रेस के जिला अध्यक्ष दिलीप कुमार कुर्मी जाति से हैं। पूर्व आईएएस जितेंद्र कुमार सिंह व रणविजय कुमार दोनों राजपूत जाति के हैं ।जबकि एक अन्य प्रत्याशी ऋतुराज जहानाबाद के पूर्व सांसद डॉ अरुण कुमार के पुत्र हैं तथा भूमिहार जाति से आते हैं। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सर्वाधिक वोट कुर्मी जाति के हैं। ऐसे में कांग्रेस जिला अध्यक्ष दिलीप कुमार की मानें तो इस बार स्नातक विधान परिषद चुनाव में उनकी जीत प्राय: तय है। पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दल के प्रत्याशी नीरज कुमार को पूरा भरोसा है कि कुर्मी जाति के वोटर जदयू को वोट कर सकते है. भूमिहार जाति के प्रत्याशी ऋतुराज को भूमिहार वोटों पर पूरा भरोसा है। जबकि राजपूत जाति के उभरते नेता संभावित प्रत्याशी विजय कुमार का दावा है कि इस बार का चुनाव जातीय समीकरण पर नहीं होगा और उन्हें हर धर्म, जाति ,तबके का वोट मिलेगा और उनकी जीत तय है। राजद के संभावित प्रत्याशी आजाद गांधी का दावा है कि उन्हें पार्टी वोट के साथ ही सभी वर्गों का समर्थन मिलेगा। और उनकी जीत पक्की है।

अब देखना यह है कि 22 अक्टूबर को स्नातक वोटर पुराने विधान पार्षद नीरज कुमार को ही गले लगाते हैं अथवा किसी अन्य को।

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