छौड़ादानों पोस्ट ऑफिस में चरम सीमा पर भ्रष्टाचार

छौड़ादानों पोस्ट ऑफिस में चरम सीमा पर भ्रष्टाचार

जिला पूर्वी चंपारण में छौड़ादानों के पोस्ट ऑफिस में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। पासपोर्ट जैसे जरूरी कागजात पोस्ट ऑफिस में आने पर की जाती है उगाही।

नेक मोहम्मद

जिला पूर्वी चंपारण में छौड़ादानों के पोस्ट ऑफिस में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। इस पोस्ट ऑफिस में एक भ्रष्टाचार उजागर हुआ है। छौड़ा दानों पोस्ट ऑफिस मे कार्यरत मिथुन कुमार जो सुंदरपुर गांव का डाकिया है। उन्होंने एक पासपोर्ट को सुंदरपुर गांव में ले गया। जिसका पासपोर्ट है उसका नाम रुस्तम मियां है। उन्होंने पासपोर्ट के लिए अप्लाई किया था। पासपोर्ट ऑफिस से पासपोर्ट तैयार होकर छौड़ादानों पोस्ट ऑफिस में आया। पासपोर्ट डाकिया मिथुन कुमार जब देने गया तो वह रुस्तम मियां के यहां नहीं गया। इधर से ही लौट गया। जब रुस्तम मियां को इस बात की खबर हुई उन्होंने अपने घर से ही मिथुन कुमार पर फोन किया। मिथुन कुमार पैसा ऐंठने के चक्कर में रुस्तम को बोला कि इसका समय 1 घंटा का है। हमने पासपोर्ट को पटना भेज दिया है। अब आपको ₹200 अभी लगेगा और पासपोर्ट आने पर ₹200 या फिर लगेगा यानी ₹400 आपको देना होगा। नहीं तो पासपोर्ट हम पटना से नहीं मनाएंगे।

इससे आहत होकर रुस्तम या नौकरशाही डॉट कॉम से बातचीत में बताया की डाकिया मिथुन कुमार मेरा पासपोर्ट पटना लौटा दिया है। जब नौकरशाही डॉट कॉम ने डाकिया को फोन किया तो नाराज होकर बोला कि मैं सोकर सरकार से पैसा लेता हूं। दिन में 2:30 बजे की यह बातचीत हुई। तथा डाकिया मिथुन कुमार ने बातचीत में यह भी बोला की मैं पटना पासपोर्ट लौटा दिया हूं। फिर शाम को डाकिया मिथुन कुमार रुस्तम या के अनुपस्थिति में उनके घर जाकर उनकी पत्नी को 8:00 बजे रात को जाकर पासपोर्ट दिया। इससे प्रतीत हो रहा है कि छौड़ादानों पोस्ट ऑफिस में भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार है।

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