फंस गये बिहार के मंत्री विनोद नारायण झा, कोर्ट ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट

मधुबनी : बिहार सरकार के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री विनोद नारायण झा (Vinod Narayan Jha) पर कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।

दीपक कुमार,ब्यूरो प्रमुख,मिथिलांचल

अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी राकेश कुमार तिवारी ने मंत्री के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है।  मंत्री पर  मुकदमा में पैरवी नहीं करने का आरोप है। हाल ही में मंत्री ने कोर्ट में बयान कलमबंद किया था।
अभियोजन की ओर से एपीओ ॠपुंजय कुमार रंजन ने बताया कि मुकदमा में विनोद नारायण झा को सफाई साक्ष्य देनी थी। सोमवार को मामले में सुनवाई के लिए अभिलेख कोर्ट के समक्ष लाया गया।
मंत्री की ओर से न तो सफाई साक्ष्य दी गई और ना ही कोई पैरवी की गई। बाद में कोर्ट ने इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। मामला विधानसभा चुनाव के दौरान वोटरों को लुभाने के लिए मंच से सांस्कृतिक स्टेज बनाने की घोषणा से संबंधित है।
Vinod Naryan Jha को जानिये
विनोद नारायण झा भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठतम नेताओं में से हैं. वह भाजपा के बिहार इकाई के उपाध्यक्ष और प्रवक्ता रह चुके हैं. झा ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत जेपी मूवमेंट से शुरू की थी. वह विधान परिषद के सदस्य हैं और 2016 में निर्विरोध चुने गये थे. 1957 में जन्मे विनोद नाराय़ण झा मधुबनी के मूल निवासी हैं.
 सरकारी वकील ॠपुंजय कुमार ने बताया कि वर्ष 2005 का मामला है। आदर्श आचार संहिता लागू होने के दौरान 10 नवम्बर की रात बिना अनुमति पंडौल विधान सभा क्षेत्र के रामपुर गांव में भाजपा प्रत्याशी विनोद नारायण झा ने पूजा स्थल पर लोगों को संबोधित करते हुए वहां सांस्कृतिक मंच बनाने की घोषणा की थी।
स्थानीय चौकीदार ने पंडौल सरसोपाही ओपी में आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के आरोप में विनोद नारायण झा के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। इसके बाद अदालत में इस मामले की सुनवाई हुई लेकिन झा ने इस मामले में कोर्ट में अपना पक्ष रखने से बचते रहे हैं.

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