बिहार में रेप, डकैती, लूट की घटनाओं में कमी

बिहार में रेप, डकैती, लूट की घटनाओं में कमी

बिहार में अपराध के 2022 के आंकड़ों से पता चलता है कि इस वर्ष रेप, डकैती व लूट की संख्या में कमी आयी है जबकि हत्या की कुल संख्या में छह प्रतिशत इजाफा हुआ है.

दीपक कुमार, बिहार ब्यूरोचीफ

बिहार में अपराध पर पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों में बताया गया है कि हत्या के मामलों के अलावा अपराध के अन्य मामले घटे हैं. जिसमें डकैती, लूट, दुष्कर्म और अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार जैसे मामले शामिल है।

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पुलिस मुख्यालय ने साल 2021 के जनवरी से मार्च के बीच जो आंकड़ा जारी किया था, उसमें बिहार में 640 हत्याएं दर्ज की गई थीं, जबकि इस साल इन मामलों में 39 का इज़ाफ़ा हुआ है।

2022 के जनवरी से मार्च तक कुल 679 हत्या के मामले रिकॉर्ड किए गए हैं।

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पुलिस मुख्यालय ने जो रिपोर्ट जारी की है, उसके मुताबिक़ पिछली तिमाही के मुकाबले इस साल डकैती में 4.2 प्रतिशत, लूट में 8.1 प्रतिशत, दुष्कर्म में 11.2 प्रतिशत जबकि एससी-एसटी अत्याचार के मामलों में 10.5 प्रतिशत की कमी आई है।

साल 2021 में 72 डकैती की तुलना में इस साल डकैती की 69 घटनायें दर्ज की गयीं. इसी तरह पिछले वर्ष 665 लूट की तुलना में इस साल लूट की 631 घटनायें रिकार्ड की गयीं.

इसी तरह जहां तक रेप या दुष्कर्म की घटनाओं का हाल है तो पिछले वर्ष 357 रेप की तुलना में इस वर्ष रेप की 317 घटनायें दर्ज की गयीं. हालांकि समझा जाता है कि रेप के मामले में पिड़ित पक्ष पुलिस में जाने से गुरेज करता है जिससे वास्तविक आंकड़ें सामने नहीं आ पाते.

इसी तरह जहां तक अनुसूचित जाति व जनजातियों से जुड़े अपराध की बात है तो पिछले वर्ष 1,548 एससी-एसटी अपराध की तुलना में इस वर्ष 1,385 घटनाएं रिकॉर्ड की गई हैं।

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