दलित जोड़े ने हिन्दू विधान नकारा,अम्बेडकर को साक्षी मान रचाई शादी

बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को साक्षी मानकर प्रतिमा के समक्ष ही रचाई शादी।

बेगूसराय से कुनैन अली

अग्नि के सात फेरे लेने के बजाय अंबेडकर की प्रतिमा के ही सात फेरे लेकर वर वधु ने सात जन्मो तक एक दूसरे का साथ देने का लिया संकल्प ।

बिहार के बेगूसराय जिले के बलिया में मामला देखने को मिला जहां एक तरफ किसी भी धर्मों में
वैवाहिक कार्यक्रम उनके धर्म से संबंधित पवित्र स्थल जैसे मंदिर या घरों में पूरे विधि विधान के साथ आज तक होते आई है वहीं दूसरी ओर बलिया के प्रखंड परिसर के अंबेडकर पार्क स्थित अंबेडकर की प्रतिमा को साक्षी मानकर रचाई आदर्श शादी कुछ ऐसा ही मामला बीते गुरुवार की देर रात सामने आई है।
जहां इस शादी समारोह का नेतृत्व अखिल भारतीय रविदास संघ बलिया के न्य् कार्यकर्ताओं कर रहे थे।


वही इस वैवाहिक कार्यक्रम में खगड़िया जिला के मछरहा निवासी ललन दास ने अपने पुत्र अमित दास की शादी बलिया प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत भगतपुर निवासी प्रकाश दास की पुत्री कल्याणी कुमारी के साथ सभी धर्म स्थलों को छोड़कर भेदभाव की भावनाओं से दूर रहते हुए बलिया के अंबेडकर पार्क स्थित अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष साक्षी मानकर रचाई शादी। जो लोगों को काफी हैरान कर देने वाली वाली बात लगी।जहां एक तरफ शादी की रस्मो रिवाज विधि विधान के साथ घर में संपन्न होती थी वही उपरोक्त शादी की समस्त कार्यक्रम अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष संपन्न हुआ। सबसे बड़ी हैरान कर देने वाली बात तो शादी के परिणय सूत्र में बंधने के बाद अग्नि के सात फेरे लेने के बजाय अंबेडकर की प्रतिमा के साथ फेरे लेकर सातों वचन सात जन्मो तक निभाने का संकल्प लिया ।

ऐसा पहली बार बेगूसराय जिले में देखने को मिला जहां महापुरुषों की प्रतिमा को ही साक्षी मानकर वर-वधू ने शादी रचा ली और सात जन्मो तक एक दूसरे का साथ ना छोड़ने का कश्मीरी खाई
मौके पर इस अवसर में उमेश दास, पप्पू दास ,लक्ष्मी दास, बालेश्वर दास, सत्य नारायण दास, मनोज दास, राकेश दास, विजय दास ,सुजीत दास ,नवीन दास ,रामविलास दास समेत अन्य लोग उपस्थित होकर इस नव वर-वधू को शुभ आशीष देते हुए उनके मंगल दांपत्य जीवन की कामना किया ।

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