दारोगा बहाली में खास जाति के अभ्यर्थियों की भरमार पर बवाल

दारोगा बहाली में खास जाति के अभ्यर्थियों की भरमार पर बवाल

दारोगा बहाली का रिजल्ट आते ही बवाल हो गया। राजद ने पूछा है कि सफल अभ्यर्थियों में खास जिले और खास जाति की भरमार क्यों?

बिहार में दारोगा बहाली की लिखित परीक्षा का रिजल्ट आते ही एक साथ कई सवाल खड़े हो गए हैं। प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी राजद ने सवाल किया है कि रिजल्ट से लगता है कि सूबे में एक खास जाति और एक खास जिले के अभ्यर्थी ही सबसे ज्यादा मेधावी हैं। पार्टी ने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। मालूम हो कि पिछले साल हुई लिखित परीक्षा में 50072 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। परीक्षा में कुल 15,231 अभ्यर्थी सफल हुए हैं।

राजद ने सवाल किया है कि बिहार में दारोगा बहाली का रिजल्ट देखकर लगता है कि एक ही जिला और एक ही जाति के लोग सबसे ज्यादा काबिल हैं। राजद ने ट्वीट करके कहा है कि लगातार क्रमांक वाले अनेक अभ्यर्थी सफल हुए हैं। 40448 से लेकर 40453 तक के सारे अभ्यर्थी सफल हो गए हैं। कई अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल भी नहीं हुए, पर रिजल्ट में उनका नाम सफल अभ्यर्थियों की सूची में शामिल है। राजद ने कहा है कि आरसीपी जी, इससे अच्छा होता कि बिना परीक्षा लिये ही ज्वाइनिंग करा देते। राजद ने यह भी कहा कि अगर पूरे मामले की सीबीआई जांच हो, तो सुशासन की पोल खुल जाएगी।

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राजद के ट्वीट के जवाब में अनेक अभ्यर्थियों ने प्रतिक्रिया दी है। भागलपुर के अविनाश ने शिक्षक नियोजन में भी धांधली का आरोप लगाया है और इसे रद्द करके नए सिरे से आनलाइन आवेदन आमंत्रित करने की मांग की है। निशांत नाम के ट्विटर हैंडल से कहा गया है कि एक सेंटर पर 263 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, उनमें 91 सफल हो गए। यहां परीक्षा देनेवाला हर तीसरा अभ्यर्थी सफल हो गया। क्या सारे मेधावी यहीं बैठे थे। राजद के ट्वीट पर लगभग दो हजार युवकों ने प्रतिक्रिया देते हुए फर्जीवाड़े की आशंका जताई है। क्या राज्य सरकार अभ्यर्थियों और मुख्य विपक्षी दल के सवालों का जवाब देगी?  

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