धान के खेत में प्रियंका, महिला श्रमिकों ने अपने हाथ से खिलाया

धान के खेत में प्रियंका, महिला श्रमिकों ने अपने हाथ से खिलाया

सड़क से जा रही प्रियंका अचानक धान के खेत में पहुंचीं। जमीन पर बैठ महिलाओं के से की बात। महिला श्रमिकों ने अपने हाथ से प्रियंका को खिलाया।

विधानसभा चुनाव में महिलाओं को 40 फीसदी टिकट देने, सरकार बनने पर कॉलेज की लड़कियों को स्मार्ट फोन और स्कूटी देने के एलान के बाद आज कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी धान के खेत में पहुंच गईं। वहां धान काट रही 30-40 महिला मजदूर थीं। सभी प्रियंका को अपने बीच देखकर चकित और खुश थीं। कांग्रेस सोशल मीडिया ने इसे लाइव किया।

प्रियंका ने जमीन पर बैठकर पहले उनकी समस्याएं सुनीं। तभी एक महिला ने उन्हें खाने के लिए कुछ दिया। फिर दूसरी महिला श्रमिक ने प्रियंका के मुंह में कौर देकर खिलाया। फिर कई महिला श्रमिक अपने हाथ से खिलाने लगीं। प्रियंका कहती सुनी गईं कि कितना खिलाइएगा। फिर प्रियका ने भी अपने हाथ से महिला मजदूरों के मुंह में कौर दिया। कभी वे किसी के कंधे पर हाथ रखकर कुछ कदम चलती हैं, फिर कभी दूसरी मजदूर उनके कंधे पर हाथ रखती है। वे काफी देर तक महिला मजदूरों के बीच रहीं।

अन्य दल जातीय समीकरण बनाने में व्यस्त है। कल पहली बार भाजपा ने यादव सम्मेलन किया। बसपा और सपा का ब्राह्मण सम्मेलन चल रहा है। वहीं, कांग्रेस की कोशिश है कि जाति के बजाय महिला वोट को एक समूह के रूप में आवाज दी जाए, उसे संगठित किया जाए। बिहार में माना जाता है कि महिलाएं अलग वोट वैंक की तरह काम करती हैं। उन्होंने शराबबंदी के कारण अपने घर के पुरुष सदस्यों से अलग नीतीश कुमार को वोट दिया। ममता बनर्जी के बारे में भी माना जाता है कि उन्होंने महिला वोट को संगठित किया।

इतना तो तय है कि मैं लड़की हूं, लड़ सकती हूं नारा तेजी से गांवों तक पहुंचा है। 40 फीसदी महिलाओं को टिकट देने की घोषणा ने भी यूपी की राजनीति में जातीय समीकरणों को चुनौती दी है। कांग्रेस जाति के बरअक्स महिला, किसान, युवा को वर्ग के बतौर संगठित कने पर जोर दे रही हैं।

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